गंगापुरसिटी . शहर मेंं खाली पड़े आवासीय भूखंड स्वच्छ भारत मिशन को चुनौती देते नजर आ रहे हैं। इनमें जमा गंदगी एवं घरों से निकला गंदा पानी राहगीरों एवं स्थानीय रहवासियों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। यह समस्या नगरपरिषद क्षेत्र के एक वार्ड तक सीमित नहीं होकर अमूमन सभी वार्डों में है।
लोगों द्वारा कई बार इस संबंध में शिकायत करने के बावजूद समाधान होता नजर नहीं आ रहा है। वार्ड नम्बर ४४ की चांद कॉलोनी निवासी करीम, सलमा, नसीमा एवं इमरान आदि ने बताया कि इनमेंंं जमा कचरा हवा के साथ उडक़र नालियों में जमा हो जाता है। इससे नालियां अवरुद्ध हो जाती हैं। साथ ही इनमें दिनभर आवारा जानवर धमा चौकड़ी मचाते हैं। यह आवारा जानवर कई बार स्कूली बच्चों एवं राहगीरों को घायल कर चुके हैं। इतना ही नहीं इन भूखंडों में जमा पानी से आसपास के मकानों में सीलन एवं छतों व दीवारों में दरारें भी आ गई हैं। साथ ही दीवारों व छत का प्लास्तर भी झडक़र नीचे गिरने से हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है।
सता रहा बीमारियों का भय
स्थानीय निवासियों ने बताया कि खाली प्लॉटों में जमा पानी व गंदगी से मच्छर पैदा हो रहे हैं। यहां दिन ढलने के बाद मच्छरों की भरमार हो जाती है। सारे जतन करने के बाद भी मच्छरों से निजात नहीं मिल पा रही है। ऐसे में लोगों को मच्छर जनित मलेरिया जैसी बीमारियां फैलने का भय सता रहा है।
कार्रवाई की मांग
वार्ड वासियों का कहना है कि लोगों ने आवासीय भूखंडों को खरीदकर खाली ही छोड़ रखा है। इन प्लॉट मालिकों से इस संदर्भ में कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है। लोगों ने नगरपरिषद से इन भूखंड मालिकों को कानूनी नोटिस देकर कार्रवाई की मांग की है। ताकि समस्या से निजात मिल सके।





No comments:
Post a Comment