अनूपगढ़.
वित्तीय वर्ष के पहले दिन सोमवार को बाजार में विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर बहियों के पूजन की पम्परा का निर्वहन किया गया। हालांकि वर्तमान तकनीकी दौर में अब बहियां अप्रासंगिक होती जा रही हैं तथा इनका स्थान कम्प्यूटर लेता जा रहा है लेकिन परमपरा में अब भी कोई बदलाव नहीं आया है।
वित्तीय वर्ष के पहले दिन लोग अब भी लक्ष्मी और कुबेर का पूजन करवा रहे हैं तथा इसके साथ ही बहियों का पूजन करने की भी परम्परा है। सोमवार को सुबह से ही लोगों ने सुबह से ही दुकानों पर बही पूजन का कार्य शुरू करवा दिया। कई लोगों ने अब कम्प्यूटर में ही लेखा संधारण के मद्देनजर कम्प्यूटर का भी पूजन करवाया।
बही विक्रेताओं ने बताया कि कई लोगों ने तो बहियों की खरीद का कार्य भी शुभ मुहूर्त देखते हुए करवाया। निर्धारित समय पर बहियां खरीदकर उसी समय उसका पूजन भी शुभ मुहूर्त की परम्परा का निर्वहन करने की बात कही। वित्तीय वर्ष की शुरुआत में बही पूजन की परम्परा के चलते सोमवार सुबह ब्राह्मणों की खूब पूछ रही। लोगों ने कई दिन पहले ही ब्राह्मणों को निर्धारित तिथि पर पूजन करवाने के लिए तैयार कर लिया।





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