पुष्कर.
तीर्थनगरी और आसपास के क्षेत्रों मेंं दो दिना से रुक-रुक कर हो रही बरसात ने मौसम में ठंडक ला दी है। वहीं पुष्कर के प्रसिद्ध काले जामुन व आम की बंपर पैदावार के आसार होने से किसानों के चेहरे खिलने लगे है हालांकि यह बरसात गेहंू की कटी फसल के लिए बर्बादी कही जा सकती है लेकिन पुष्कर इलाके में गेहूं की पैदावार कम होने से नुकसान कम होगा।
पुष्कर एवं आसपास के इलाको में गेहूं की पैदावार कम होती है वहीें जामुन व आम की पैदावार का समय शुरू हो चुका है। फूल व्यवसाय संघ के अध्यक्ष हनुमान सिंगोदिया का कहना है कि आम व जामुन के पेड़ों पर अंकुरन यानी फाल आने शुरू हो गए है। बरसात होने से जामुन व आम की पैदावार बढ़ेगी तथा दोनों ही फलों में बंपर पैदावार होने के आसार बनने लगे है।
कसान श्रवण तंवर का कहना है कि बरसात से गूंदे, जामुन, व आम की पैदावार के लिए यह बरसात फायदेमंद है लेकिन जिन किसानों के खेतो से गेहूं कटकर गोदामों में लाने की तैयारी है उन्हें नुकसान होगा लेकिन पुष्कर क्षेत्र इससे कम प्रभावित होगा तथा लाभ ज्यादा होगा।





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