जयपुर। Lok Sabha Elections 2019 - राजस्थान में लोकसभा चुनाव के पहले चरण में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, दो केंद्रीय मंत्री तथा 7 सांसदों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।
जोधपुर से Ashok Gehlot के बेटे वैभव पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं, जिनका सामना BJP के केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से है। वैभव के पिता अशोक गहलोत भी जोधपुर से सांसद रह चुके हैं। जोधपुर में शुरुआती दौर में कांग्रेस का ही दबदबा रहा, लेकिन बाद में भाजपा ने कई बार सेंध लगाई।
जोधपुर के पूर्व महाराजा गजसिंह की भूमिका भी चुनाव में महत्वपूर्ण रहती है, लेकिन इस बार उनके रुख का पता नहीं चल पाया है। शेखावत के नामांकन के समय प्रदेश के कई बड़े नेताओं की गैर मौजूदगी ने भी अलग संदेश दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री Vasundhara Raje के पुत्र दुष्यंत सिंह के झालावाड़ से चुनाव मैदान में होने के कारण इनकी प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है।
तीन बार सांसद रहे सिंह चौथी बार चुनाव मैदान में हैं, जिनका मुकाबला Congress के प्रमोद शर्मा से है। प्रमोद शर्मा भाजपा से जुड़े हुए रहे, लेकिन विधानसभा चुनाव में उन्होंने पाला बदल लिया। झालावाड़ में कांग्रेस नेताओं पर कमजोर उम्मीदवार मैदान में उतारने के आरोप भी लग रहे है लेकिन गहलोत सरकार में मंत्री प्रमोद जैन भाया सहित कई नेता शर्मा के पक्ष में खड़े हैं।
पाली से केंद्रीय मंत्री पी पी चौधरी का मुकाबला पूर्व सांसद बद्री जाखड़ से है, जिनको चौधरी ने पिछली बार मात दी थी। भाजपा में कई नेता PP Chaudhary को दोबारा मैदान में उतारने के सख्त खिलाफ थे, लेकिन अब ऐसी कोई आवाज सुनाई नहीं दे रही है।
उदयपुर में सांसद अुर्जन लाल मीणा का मुकाबला पूर्व सांसद कांग्रेस प्रत्याशी रघुवीर मीणा से है। इस आदिवासी क्षेत्र में भाजपा ने विधानसभा चुनाव में आठ सीटों में छह पर जीत हासिल की थी तथा इस लिहाज से भाजपा lok sabha election में भी जीत की आस लगाई बैठी है।
टोंक सवाईमाधोपुर से सांसद सुखवीर सिंह जौनपुरिया दूसरी बार किस्मत आजमा रहे हैं, जिनका सामना कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री namo narain meena से है। जौनपुरिया को पिछले चुनाव में बाहरी उम्मीदवार के रुप में काफी विरोध का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार यह बात सामने नहीं आ रही। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष Sachin Pilot भी टोंक से विधायक चुने गए थे।
जालोर में सांसद देवजी पटेल दूसरी बार भाजपा के उम्मीदवार हैं, जिनका सामना पूर्व विधायक कांग्रेस प्रत्याशी रतन देवासी है। इसी तरह चित्तौड़गढ से सांसद Chandra Prakash Joshi का मुकाबला पूर्व सांसद गोपाल सिंह ईडवा से है। भीलवाड़ा में सांसद सुषाष बहेड़िया का मुकाबला कांग्रेस के नए चेहरे रामपाल शर्मा से है। पिछले विधानसभा चुनाव में यहां भाजपा का दबदबा रहा है तथा लोकसभा चुनाव में भी बहेड़िया के जीत की आस लगाई जा रही है।
कोटा में सांसद Om Birla का मुकाबला पूर्व सांसद रामनारायण मीणा से है। बाड़मेर में पूर्व सांसद कांग्रेस के मानवेन्द्र सिंह का मुकाबला पूर्व विधायक भाजपा के कैलाश चौधरी से है। भाजपा ने यहां से सांसद कर्नल सोना राम का टिकट काट दिया है, जिन्होंने पिछली बार कांग्रेस से पाला बदलकर पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह को कड़ी टक्कर दी थी तथा कांग्रेस के हरीश चौधरी को हार का सामना करना पड़ा।
राजसमंद में भाजपा के मौजूदा सांसद हरिओम सिंह राठोड़ के चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा से पार्टी को यहां मजबूत उम्मीदवार चुनने में काफी मशक्कत करनी पड़ी तथा पूर्व विधायक एवं पूर्व जयपुर राजघराने की राजकुमारी Diya Kumari को चुनाव मैदान में उतारना पड़ा। इनके सामने कांग्रेस ने बुजुर्ग देवकीनंदन गुर्जर को मैदान में उतारा है। बांसवाड़ा भाजपा ने मौजूदा सांसद मानशंकर निनामा का टिकट काटकर पूर्व विधायक कनकमल कटारा को चुनाव मैदान में उतारा है जिनके सामने पूर्व सांसद कांग्रेस के ताराचंद भगोरा है।





No comments:
Post a Comment