जैसलमेर/फलसूण्ड. गांव में आए दिन बिगड़ी यातायात व्यवस्था के नजारें देखने को मिलते है, जिससे आमजन को परेशानी होती है। जबकि पुलिस के जिम्मेदार अधिकारी कुंभकरणी नींद में सो रहे है। जिससे वाहन चालकों के हौसले बुलंद हो रहे है। गांव के मुख्य चौराहे से जोधपुर, पोकरण, बाड़मेर, बायतु, खोखसर जाने के लिए पांच सडक़ मार्ग निकलते है। इन मार्गों पर दिनभर छोटे से लेकर बड़े वाहन सडक़ के बीचोंबीच खड़े रहते है। बस संचालकों की ओर से बीच सडक़ पर वाहन खड़े कर सवारियां भरी जाती है। इन बसों के आसपास हाथ ठेला चालक मंडराते रहते है। ऐसे में इन बेतरतीब खड़े वाहनों से आमजन का गुजरना भी दुश्वार हो जाता है।
हादसे की आशंका
बेतरतीब खड़े वाहनों, हाथ ठेला चालकों के बीच यहां से दिन रात ट्रक व ट्रेलर चालक तेज गति से निकलते है। ऐसे में कभी किसी राहगीर या किसी वाहन के इनकी चपेट में आने से किसी बड़ी दुर्घटना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। बावजूद इसके पुलिस की ओर से यातयात व्यवस्था को सुधारने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
केवल कागजी कार्रवाई
गांव में स्थित पुलिस थाने में प्रत्येक दो-तीन माह में एक बार सामुदायिक संपर्क समूह सीएलजी सदस्यों की बैठक का आयोजन किया जाता है। इस दौरान सदस्यों की ओर से गांव में बिगड़ी यातायात व्यवस्था को सुधारने की मांग की जाती है तथा बैठक में प्रस्ताव भी लिए जाते है, लेकिन ये प्रस्ताव मात्र कागजी साबित हो रहे है। यातायात व्यवस्था रामभरोसे चल रही है तथा आमजन को परेशानी हो रही है। गत दिनों जिला परिवहन अधिकारी की अध्यक्षता में भी बैठक आयोजित कर गांव की यातायात व्यवस्था सुधारने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अभी तक व्यवस्था नहीं सुधरने के कारण वाहन चालक, ग्रामीण, राहगीर व मुख्य चौराहे के आसपास बैठे दुकानदार व ठेला चालकों को परेशानी हो रही है।





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