Breaking News
recent

तेजरासर का समीर बॉलीवुड में बिखेरेगा सुरों का जलवा

तेजरासर. तेजरासर मूल के मुम्बई प्रवासी लिटिल चैम्प समीर मोहम्मद ने एक बार फिर बीकानेर का नाम रोशन किया है। समीर ने पांच अप्रेल को रिलीज होने वाली अभिनेता जॉन अब्राहम अभिनीत फिल्म 'रोमियो अकबर वाल्टरÓ के गाने में अपनी आवाज दी है। इस फिल्म के गाने को जाने-माने लेखक सबीर अहमद ने लिखा है। विदित रहे कि अभिनेता जॉन अब्राहम की बॉलीवुड में इंट्री भी समीर के चाचा व पापा अली-गनी के संगीत निर्देशन में वर्ष 1995 में बने म्यूजिक एल्बम 'महकÓ से हुई। इसमें गाना 'चुपके-चुपके सखियों से बातें करना भूल गईÓ को पंकज उधास ने गाया था।

 

यदि कुछ करने का जज्बा और हौंसला हो तो कुछ भी नामुमकिन नही है। समीर के पिता व चाचा संगीतकार अली-गनी की जोड़ी को कौन नहीं जानता है। उनकी आवाज का लोहा आज पूरा बॉलीवुड मानता है। अब उनके बेटे समीर ने भी वहीं कमाल दिखाना शुरू किया है। बीकानेर जिले के छोटे से गांव तेजरासर से निकलकर बॉलीवुड में समीर मोहम्मद ने छोटी सी उम्र में ऐसा कारनामा किया है। जिसकी चर्चा देशभर में हो रही है। तेजरासर के समीर मोहमद ने वर्ष 2006 में ज़ीटीवी के कार्यक्रम 'सारेगामापाÓ में लिटिल चैम्प रहकर देशभर में बीकानेर का नाम रोशन किया। अब बॉलीवुड की हिंदी फिल्म 'हम चारÓ में लीड सिंगर हैं। राजश्री प्रोडक्शन की आने वाली इस फिल्म में संगीतकार जोड़ी अली-गनी में गनी मोहम्मद के सबसे छोटे बेटे समीर मोहमद ने दो गाने गए हैं। इसका म्यूजिक रिलीज हो चुका है और उनके गानों को काफी पसंद किया जा रहा है। फिल्म के गाने 'तुम ऐसी क्यों हो, गुस्सा तेरा जायज हैंÓ गाए गाए हैं।

 

नामी संगीतकारों के साथ करेगा काम
समीर ने बताया कि अब हिमेश रेशमियां के साथ महेश भट्ट की फिल्म में भी काम कर रहा हूं। इसके गाने भी जल्द रिलीज होने वाले हैं। साथ ही फिल्म दिल बेचारा में भी आवाज दी है। उन्होंने बताया कि यह साल काफी अच्छा रहने वाला है। इस साल प्रीतम, हिमेश रेशमिया, एआर रहमान, सचिन जिगर, राज आशु आदि के संगीत निर्देशन में साथ काम कर रहा हूं और इनकी अपकमिंग फिल्मों में आवाज दूंगा। उन्होंने बताया कि इस साल पांच फिल्में कर रहा हूं। समीर ने कहा कि सरकार राजस्थानी फिल्मों को भी प्रोत्साहित करे। ताकि राजस्थानी फिल्में भी आगे बढ़े।

 

घर पर ही बचपन से मिली संगीत की शिक्षा

समीर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पापा व चाचा व बॉलीवुड की मशहूर जोड़ी संगीतकार जोड़ी अली गनी को श्रेय देते हुए कहा कि पिता व चाचा से बचपन से ही संगीत की शिक्षा मिली और वे आगे बढऩे व कुछ बड़ा करने की प्रेरणा देते रहे। संगीतकार जोड़ी अली गनी से जब पूछा तो उन्होंने कहा कि इसमें समीर की मेहनत, लगन व बीकानेर की जनता का अपार स्नेह है। जिसकी बदौलत गांव से निकलकर बाज बॉलीवुड में कदम रख पाए है। उन्होंने कहा कि समीर को बचपन से ही गाना गाने का शौक था। जब भी किसी नए गाने की तैयारी करते तो समीर भी साथ गाता था। समीर की सफलता पर उनके पैतृक गांव तेजरासर में ग्रामीणों का बधाईं देने का तांता लगा हुआ है।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.