आरोपी रात को इस दुकान से लाया था शराब, ठेकों पर बिना नियमों के शराब परोसने के मामले में पुलिस ने धरपकड़ की
जालोर. ठेकों पर बिना नियमों के शराब परोसने के मामले में पुलिस ने गुरुवार को धरपकड़ की। थर्ड फेज में संचालित एक दुकान से ही हत्या के आरोपी ने रात को शराब खरीदने की स्वीकारोक्ति की है। इसके बाद पुलिस ने रीको एरिया थर्ड फेज में चल रही दो दुकानों पर कार्रवाई की। इस दौरान आबकारी विभाग के अधिकारियों को भी सूचना दी गई तथा कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हत्या के आरोपी छैलूसिंह ने पूछताछ में यह खुलासा किया था कि रात करीब साढ़े नौ बजे उसने थर्ड फेज में चल रही दुकानों से देसी शराब व बीयर खरीदी थी। इसके बाद ग्रेनाइट इकाई में शराब पार्टी कर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। जानकारी के लिए पुलिस दल इन ठेकों पर पहुंचा तो मौके पर कुछ दूसरा ही नजारा दिखा। यहां बार की तरह शराब परोसी जा रही थी। नियमों की खुली अवहेलना को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई की तथा वहां मिले लोगों को हिरासत में लिया। दुकान की लोकेशन, दस्तावेज और सेल्समैन के नौकरनामे सम्बंधी जानकारी के लिए आबकारी विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। साथ ही आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई करने को लेकर निर्देशित किया। ज्ञातव्य है कि 10 अप्रेल की रात थर्ड फेज में संचालित सुखसागर नाम की ग्रेनाइट इकाई में गुगरियाली (नागौर) निवासी श्रमिक भागीरथसिंह पुत्र मोहनसिंह की इकाई में कार्यरत श्रमिक श्रीबालाजी (नागौर) निवासी छैलूसिंह पुत्र भंवरसिंह ने हत्या कर दी थी। रात को उसने शराब लाई थी और सभी ने मिलकर पार्टी की। इसके बाद सभी लोग सो गए थे। रात को उसने सो रहे भागीरथ के सिर पर सांग (सरिया) से वार कर हत्या कर दी।
उसे शराबी बोलता था और खुद भी पी गया
आरोपी के मुताबिक मृतक उसे अपशब्द बोलता था। अक्सर उसे शराबी का ताना भी देता था। लेकिन, वारदात से पहले आरोपी खुद ही शराब लेकर आया और सभी को पिलाई, जिसमें भागीरथ भी शामिल था। रात को इकाई में मौजूद श्रमिकों ने शराब पार्टी की थी। इसके लिए शराब का अरेंजमेंट आरोपी छैलूसिंह ने ही किया था। पार्टी के बाद भागीरथ कमरे सो गया था। अन्य लोग इकाई परिसर में इधर-उधर सो गए। रात करीब साढ़े ग्यारह-बारह बजे उसने मशीन के पास रखी सांग से भागीरथ पर वार कर दिया।





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