नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि बैंकिंग सिस्टम के अंतर्गत आने वाले स्ट्रेस्ड एसेट्स के लिए नया रिवाइज्ड सर्कुलर जारी किया जाएगा। आरबीआई की मौद्रिक समीक्षा नीति बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 12 फरवरी 2018 की सर्कुलर की वैधता समाप्त कर दिया है, लेकिन बैंकिंग रिजॉल्युशन एक्ट का सेक्शन 35AA अभी भी बरकरार है। आपको बात दें कि आरबीआई ने इस बैठक के बाद ब्याज दरों में 25 आधार अंक यानी 0.25 फीसदी की कटौती किया जाएगा। इसके बाद अब नई ब्याज दरें 6 फीसदी हो गई है।
आरबीआई गवर्नर ने क्या कहा
शक्तिकांत दास ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि सेक्शन 35AA के तहत आरबीआई को एक तय दायरे में काम करना होगा। इसके बाद बैंकिंग रिजॉल्युशन एक्ट 1949 का सेक्शन 35AA अभी भी वैध है और इसलिए हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे। उन्होंने आगे कहा, "सुप्रीम कोर्ट के आदेश के प्रकाश में, आरबीआई जरूरी कदम उठाएगा। इनमें रिवाइज्ड सर्कुलर जारी करना और प्रभावी रिजॉल्युशन प्लान होगा।"
क्या है सेक्शन 35AA और 35AB
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आरबीआई सेक्शन 35AA के तहत रिवाइज्ड सर्कुलर जारी करेगा। सेक्शन 35AA केंद्रीय बैंक को इस बात का अधिकार देता है कि वह दिवालिया प्रक्रिया के लिए मंजूरी दे। बैंकिंग रेग्युलेशन एक्ट के सेक्शन 35AA और 35AB को मई 2017 में लाया गया था। सेक्शन 35AA आरबीआई को डिफॉल्ट के मामले में दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने के लिए मंजूरी देने का अधिकार है। वहीं, सेक्शन 35AB के तहत आरबीआई के पास कई तरह का पावर है।
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