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भीषण गर्मी में मगरमच्छों का बढऩे लगा पलायन, पानी के साथ आवास व भोजन का गहराने लगा संकट

- सेलीनाल बांध से वन विभाग ने एक दर्जन से अधिक मगरमच्छों को पकड़ कर अन्य बांधो में छोड़ा

पाली/देसूरी। अरावली तहलटी स्थित सेलीनाल बांध में पानी सूखने के कारण उसमें विचरण करने वाले मगरमच्छों पर संकट आ गया है। मगरमच्छ यहां से पलायन कर निकट के गांवों व खेतों तक पहुंच रहे हैं। इससे बचने के लिए वन विभाग की टीम इनको पकड़ कर ठंडी बेरी बांध एवं छोड़ा बांध में छोड़ रही है। वर्तमान में बांध में दो-चार मगरमच्छ बचे हैं वन विभाग की टीम इनको भी पकडऩे का प्रयास कर रही है।

सेलीनाल बांध में पिछले कई वर्षों से पानी की आवक अच्छी होने के कारण इस बांध में 12 महिने पानी रहता था। इस कारण बडी संख्या में मगरमच्छ यहां विचरण करते थे। इस बार कम बरसात के कारण बांध में पानी की आवक नहीं हुई। पानी के अभाव में बांध सूखने लगा। इसके कारण मगरमच्छों के सामने आवास व भोजन का संकट खड़ा हो गया। पानी कम होने के कारण मात्र दो गड्ढ़ों में पानी रह गया है। पानी और भोजन की तलाश में मगरमच्छ बांध को छोडऩे लगे। यहां बडी संख्या में बड़े-बड़े मगरमच्छ सर्दी के मौसम में धूप सेवन करने के लिए चट्टानों पर नजर आते थे। ये मगरमच्छ रात के अंधेरे में बांध को छोडकऱ अन्य स्थानों पर चले गए हैं।

बांध में चार से पांच फीट और छोटे मगरमच्छ ही रह गए हैं। बांध को सूखता देख वन विभाग ने इन मगरमच्छों को बचाने का प्रयास शुरू कर दिया है। वन विभाग के कार्मिकों ने इन मगरमच्छ को कम पानी से पकडकऱ वाहन के माध्यम से दूदापुरा गांव के पास स्थित छोड़ा बांध एवं अभ्यारण्य में स्थित ठंडीबेरी बांध में पानी होने के कारण उनमे ंछोड़ दिया है। करीब एक दर्जन से भी अधिक मगरमच्छों को पकडकऱ बांधों में छोड़ चुके हैं। कुछ मगरमच्छ सेलीनाल बांध में आज भी मौजूद हैं जिनको भी पकडऩे का प्रयास किया जा रहा है।

बांध में दिख रहे छोटे मगरमच्छ
सोलीनाल बांध के दो गड्ढ़ों में मगरमच्छ के बच्चे विचरण करते नजर आ रहे है। जबकि बांध में 10 से 12 फीट लम्बे मगरमच्छ थे। जो पानी कम होने के कारण बांध से निकलकर अन्य स्थानों पर चले गए हैं।

अन्य बांधों में छोड़ रहे
सेलीनाल बांध पानी के अभाव में लगभग सूख गया है। ऐसे में बांध में विचरण करने वाले मगरमच्छों को बचाने के लिए वनकार्मिकों की मदद से उनको पकडकऱ अन्य बांध में छुड़वा रहे हैं। -भैरूसिंह, क्षेत्रिय वन अधिकारी, रेंज देसूरी



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