सिवाना बाड़मेर. उपखण्ड क्षेत्र में कहीं भी आग लगने पर होने पर ग्रामीणों को स्वयं अपने स्तर पर आग पर काबू पाने के लिए इधर-उधर दौड़ लगानी पड़ती है। सिवाना उपखण्ड क्षेत्र होने के बावजूद यहां अग्निशमन वाहन नहीं है। एेसे में बालोतरा के भरोसे रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने समय-समय पर जनप्रतिनिधियों व स्थानीय प्रशासन अधिकारियों को समस्या से अवगत करवाया, लेकिन समाधान अभी तक नहीं हो पाया है।
बालोतरा से बुलाना पड़ता है अग्निशमन वाहन- सिवाना उपखण्ड क्षेत्र में आगजनी की घटना होने पर आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन वाहन को बालोतरा से बुलाना पड़ता है। बालोतरा से आते-आते अग्निशमन वाहन को करीब एक घण्टे तक का समय लग जाता है। तब तक ग्रामीणों को अपने स्तर पर पानी के टैंकर उड़ेल आग पर काबू पाने की कोशिश करनी पड़ती है। कई बार आग विकराल होने पर अग्निशमन वाहन पहुंचने से पहले ही सब कुछ जल कर राख हो चुका होता है। इससे ग्रामीणों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है। उपखण्ड क्षेत्र में अग्निशमन वाहन की कमी ग्रामीणों को कई वर्षो से खल रही है, लेकिन समस्या का समाधान नही हो पाया है।
बढ़ते हादसे, उपाय कुछ नहीं- उपखण्ड क्षेत्र में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही है, लेकिन सरकारी स्तर पर सरकार ने पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। शनिवार को कुसीप गांव में दो घरों में आग लगने पर ग्रामीणों ने अपने स्तर पर ही आग पर काबू पाया तथा वृद्धा की जान बचाई। आग बुझाने के बाद बालोतरा से अग्निशमन वाहन पहुच पाया। इससे दो दिन पूर्व गुरुवार को पिपलून गांव में रहवासी घर में लगी आग के दौरान भी ग्रामीणों ने अपने स्तर आग पर काबू पाया। वहां भी समय पर अग्निशमन वाहन नहीं पहुंचा। ऐसे अनगिनत हादसों के दौरान सब कुछ स्वाहा होने के बाद ही बालोतरा से अग्निशमन वाहन पहुंचा है। निप्र.
अग्निशमन वाहन नहीं होने से परेशानी- सिवाना उपखण्ड क्षेत्र में लम्बे समय से अग्निशमन वाहन नहीं होने से परेशानी हो रही है। कई बार आग बुझने तक ही बालोतरा से फायरब्रिगेड नहीं पहुंच पाती और राहत नहीं मिलती। - बशीर खान जोया, सिवाना
लम्बी दूरी और पहुंचने में लगता समय- बालोतरा से सिवाना की लगभग 35 किमी दूरी तय करने में अग्निशमन वाहन को आने में करीब एक घण्टे तक का समय लग जाता है। जिससे आग की घटना होने पर कही बार आग पर काबू पाने में ग्रामीणों को भारी समस्याओ का सामना करना पड़ता है। - भगाराम पादरू





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