श्रीगंगानगर। शहर के सभी चौक चौराहे के फव्वारे बंद पड़े है। इसमें सिर्फ भारता माता चौक और विनोबा बस्ती पार्क के फव्वारे ही कभी कभार शुरू होते है लेकिन जहां जहां कभी फव्वारे लगे थे उनके बिजली का बिल नगर परिषद प्रशासन अब भी भुगतान कर रहा है।
यह भुगतान नगर परिषद के चंद कर्मचारी और अधिकारी खुद ही हजम कर रहे है। यह जानकारी होने के बावजूद नगर परिषद के सभापति और आयुक्त ने चुप्पी साध ली है। इस मामले की जांच हुई तो लाखों रुपए के घोटाले का खुलासा हो सकता है।
परिषद के अधिकारिक सूत्रो की माने तो रोड लाइट के बिल में इन बंद पड़े फव्वारों को लगातार भुगतान किया जा रहा है, इसके बारे में अधिकारी भी अंजान बने हुए है। सुखाडिय़ा सर्किल भारत माता चौक, बीरबल चौक, वकीलों वाली डिग्गी, इंदिरा चौक, अम्बेडकर चौक, चहल चौक, विनोबा बस्ती पार्क, नेहरू पार्क, ताराचंद वाटिका में फव्वारे लगाने पर नगर परिषद प्रशासन ने लाखों रुपए का बजट खर्च भी किया लेकिन रखरखाव नहीं होने के कारण इनको बंद कर दिया गया।
लावारिस छोड़े गए इन फव्वारों को अज्ञात नशेड़ी चुरा ले गए तो कई फव्वारे तो नगर परिषद के कार्मिकों ने उखाडकऱ गोदाम में रखवा दिए, इस गोदाम में भी इन फव्वारों की सार संभाल नहीं हुई और वे कबाड़ में बिक गए। शहर के सौन्दर्यकरण के नाम पर पिछले बीस सालों में अनुमानित अस्सी लाख रुपए के करीब फव्वारे लगाने के नाम पर बजट खर्च किया गया था लेकिन किसी भी अधिकारी ने इसकी सार संभाल की जिम्मेदारी नहीं ली।
बदलते परिवेश में ये फव्वारे अब इन चौक चौराहों पर महज शो पीस बनकर रह गए है। इधर, नगर परिषद के कई कार्मिको की माने तो इन बंद पड़े फव्वारो का भुगतान नगर परिषद प्रशासन रोड लाइट के बिल में एजडेजस्ट कर रही है। ऐसे में यह गणना तक नहीं की जाती है कि यह बिल रोड लाइट का है या फव्वारे का। बीरबल चौक, वकीलो की डिग्गी, इंदिरा चौक, अम्बेडकर चौक के फव्वारे तो गत दस सालों से बंद पड़े है। इसके बावजूद भी इन फव्वारों का बिजली का बिल अब भी जारी है। बिल का बकायदा भुगतान भी किया जा रहा है।
ज्ञात रहे कि शहर के सौन्दर्यीकरण के नाम पर जिला प्रशासन की अध्यक्षता में एक कमेटी भी बनी हुई है। इस कमेटी की बकायदा हर दो महीने में मीटिंग भी होती है।
लेकिन चौक चौराहों में लगे फव्वारे के बारे में चर्चा तक नहीं होती। हालांकि दो साल पहले जिला प्रशासन ने प्रत्येक चौक चौराहें की सार संभाल के लिए निजी शिक्षण संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों और प्रतिष्ठाानों और बैंकों ने गोद लेने की प्रक्रिया भी अपनाई लेकिन वहां एक रूपया भी इन चौक चौराहों पर खर्च तक नहीं किया। हालांकि इन संस्थाओं ने वाहवाही लूटने के लिए अपनी संस्थाओ के नाम पर साइन बोर्ड जरूर लगा दिए थे।
इस बीच नगर परिषद सभापति अजय चांडक का कहना है कि शहर के लगभग चौक चौराहों पर पूर्व में लगे फव्वारे अब नाकारा हो चुके है। भारता माता चौक और विनोबा बस्ती पार्क में फव्वारे चालू हालत में है। बंद और नाकारा पड़े फव्वारों के बिजली का बिल का भुगतान हो रहा है, यह जांच का विषय है। इसकी बकायदा जांच करवाई जाएगी। दोषी अधिकारी या कार्मिक के खिलाफ सख्त एक्शन होगा।





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