सरदारशहर. शिमला गांव में चल रही पेयजल की किल्लत के चलते ग्रामीण विभिन्न समस्याओं से गुजर रहे हंै। गांव की हालत ऐसी है कि सर्दी के मौसम में भी पानी की किल्लत रहती है। गर्मी के मौसम में तो ग्रामीणों को बूंद-बूंद पानी को तरसना पड़ रहा है। गांव में कई दिनों से पानी आता है। पानी के लिए महिलाएं सब काम छोड़कर लाइन में लगी रहती है तथा घण्टों तक पानी का इंतजार करती है। बताया जा रहा है कि कई बार तो महिलाएं सारी रात पानी के इंतजार में नल के पास बैठी रहती है। यहां पर पानी के लिए महिलाओं में झगड़ा होना आम बात हो गई है। कई महिलाएं प्यास बुझाने के लिए पहले पानी लेने का प्रयास करती है तो अन्य महिलाएं मना करती है तो कहा सुनी भी हो जाती है। पानी की समस्या के निराकरण के लिए ग्रामीण कई बार आंदोलन कर चुके हैं तथा कई बार ज्ञापन भी दे चुके हैं। फिर विभाग बेखबर नजर आ रहा है। वर्षों से चल रही पानी की समस्या का निराकरण नहीं होने पर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीण जगदीश धन्नावंशी ने बताया कि गांव में रातुसर टंकी से पानी आता है। लंबी दूरी होने व जगह-जगह पाइप लाइन में लीकेज होने के कारण शिमला गांव में पानी ना के बराबर आता है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने अनेक बार विभाग के अधिकारियों को घेराव किया तथा प्रदर्शन किया। फिर भी समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों की हालत ऐसी है कि ऊंचे दामों में पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है। इस समस्या के निराकरण के लिए न तो राजनेता ध्यान देते हैं न ही विभाग के अधिकारी ध्यान देते हंै। जिसके कारण ग्रामीणों को विभिन्न समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि शीघ्र पानी की समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो ग्रामीण बड़ा आंदोलन करेंगे।





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