-पाली जिले के रायपुर के पहाड़ी क्षेत्र के कलालिया गांव में बह गया 70 हजार लीटर अमृत
रायपुर मारवाड़। पाली जिले के रायपुर के पहाड़ी क्षेत्र के कलालिया गांव में जीएलआर अचानक फूट गया। इससे उसमें भरा 70 हजार लीटर पानी गली मोहल्लों में दरिया की तरह तेज गति से बहा। गलियों में इस तरह दरिया बहता देखकर ग्रामीण हैरार रह गए। एक बारगी तो उनको समझ में ही नहीं आया कि इतना सारा पानी आया कहा से। इसके बाद जब वे पानी बहने के वितरित दिशा में चलकर जीएलआर तक पहुंचे तो पता लगा गांव का जीएलआर फूट गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जनता जल योजना के तहत जीएलआर का निर्माण कराया गया था। ये सार्वजनिक टांका काफी पुराना हो गया था। इसी टांके से ग्रामीण पानी भरते थे। यह जीएलआर पुराना होने के कारण शाम को अचानक फूट गया। इसमें जीएलआर में भरा पानी तेज वेग से बह गया। ग्रामीणों को जब जीएलआर फटने का पता लगा तो उन्होंने इसे ठीक नहीं करने को लेकर नाराजगी जताई।
गांव में गहरा जाएगा जल संकट
गांव में पेयजल के लिए एक ही जीएलआर था। जिससे ग्रामीण रोजाना अपने साथ मवेशियों की प्यास बुझाने के लिए पानी भरकर ले जाते थे। इस जीएलआर के फूटने के कारण अब ग्रामीणों के सामने जल संकट गहरा सकता है। ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ सकता है। इस गांव में हैण्डपंप के अलावा पेयजल का कोई स्रोत भी नहीं है। ग्रामीणों की माने तो अब गर्मी में पानी की किल्लत का सामना करना पड़ेगा। अभी तो आचार संहिता के कारण नए जीएलआर का बजट पारित होने व इसका निर्माण जल्द होने को लेकर ग्रामीण आशंकित है।
जलदाय विभाग पर आरोप
ग्रामीणों ने बताया की जीएलआर पुराना होने के कारण इसकी दीवारों में दरारें आ गई थी। इसे लेकर ग्रामीणों ने कई बार जलदाय विभाग के अधिकारियों को जानकारी भी दी। जीएलआर ठीक कराने की गुहार लगाई। इसके बावजूद विभाग ने ध्यान नहीं दिया और आज जीएलआर फूट गया।
ग्राम पंचायत कराएंगी मरम्मत
कलालिया गांव को जनता जल योजना में जोड़ रखा है। जिससे टांके की मरम्मत की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। नए टांके का निर्माण आचार संहिता के बाद बजट मिलने पर ही सम्भव है। उस समय तक ग्राम पंचायत को इसी टांके की मरम्मत करवाकर काम चलाना पड़ेगा। -डीआर नोगिया, एइएन, पीएचइडी, रायपुर





No comments:
Post a Comment