बालोतरा. महिला हिंसा की वारदातों के बाद उच्चतम न्यायालय ने बिना लाइसेंस तेजाब बिक्री पर रोक लगा दी थी, लेकिन शहर में न्यायालय के आदेशों का कोईअसर नहीं है। तेजाब बिक्री के लिए प्रशासन बाकायदा लाइसेंस जारी करता है। दुकानदार बिना पहचान पत्र देखे और रजिस्टर में अंकित किए तेजाब की बिक्री नहीं कर सकते हैं। इसके बावजूद हालत यह है कि परचून से लेकर हार्डवेयर की दुकानों पर तेजाब धड़ल्ले से बिक रहा है। बिना लाइसेंस के खुलेआम एसिड की बिक्री करने वालों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
शहर में गली-मोहल्लों की दुकानों पर टायलेट क्लिनर के तौर पर काम में ली जाने वाली एसिड की बोतलें दुकानों पर खुलेआम सजाई हुई है। उनकी बिना किसी जानकारी के खुलेआम बिक्री की जा रही है। दुकानों के बाहर खुलेआम एसिड की बोतलें भर कर रखी हुई है। दुकानदार चंद रुपयों के लालच में खतरनाक एसिड मुहैया करवा रहे हैं। कई दुकानों में यह खतरनाक एसिड की बोतलों नाबालिगों के हाथों के बिकवाई जा रही है कि जबकि नाबालिगों को एसिड की बोतल बेचना ही नियमों के विपरित है। शहर के पुराना बस स्टैंड, शास्त्री सर्किल, गौर का चौक, भीतरी बाजार, छतरियों का मोर्चा, जोधपुर रोड, समदड़ी रोड, खेड़ रोड समेत रहवासीय इलाकों की दुकानों से कोई भी व्यक्ति आसानी से 20 से 30 रुपए में तेजाब की खरीद सकता है। हार्डवेयर, जनरल स्टोर, रंग-रोगन की दुकान पर एसिड आसानी से उपलब्ध करवाया जा रहा है। यह एसिड जेवरात चमकाने, बर्तन साफ करने, शौचालयों को साफ करने के लिए काम में लिया जाता है।
यह है बिक्री का नियम- उच्चतम न्यायालय ने 2013 में एक आदेश जारी कर एसिड की बिना अनुमति के बिक्री प्रतिबंध लगाया था। साथ ही निर्देश दिए थे कि एसिड बिक्री के लिए लाइसेंस आवश्यक होगा। एसिड खरीदने वाले व्यक्ति को फोटोयुक्त पहचान दुकानदार को देना होगा। दुकान संचालक को माह में दो बार स्टॉक पंजीयन प्रस्तुत करना होगा। नाबालिगों को किसी भी सूरत में तेजाब नहीं बेचा जा सकेगा। बिना पहचान पत्र देखे तेजाब बेचने पर पॉइजन एक्ट 1919 के तहत केस होने तथा सजा होने का प्रावधान है।





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