-आमने-सामने
बेहतर भविष्य की चाह रखने वाले युवाओं का कब रुकेगा पलायन
पाली। एक तरफ तो स्किल इंडिया की बात की जा रही है। लेकिन, दूसरी तरफ स्थिति यह है कि जिले के सबसे बड़े बांगड़ कॉलेज में एमए में हिन्दी संकाय तक नहीं है। व्याख्याताओं की भी कमी है। एमएएससी (फिजिक्स, कैमेस्ट्री व गणित) करने के इच्छुक युवाओं को शहर छोडऩा पड़ रहा है।
इसके साथ ही फार्मेसी करने के इच्छुक युवा बेंगलूरु, पूना आदि शहरों में जाने को मजबूर है। एमबीए, इंजीनियरिंग के लिए भी युवाओं को जोधपुर, जयपुर जाना पड़ रहा है। लेकिन, तकनीकि शिक्षा सुलभ कराने के मामले में सरकारें फेल ही साबित हुई है।
युवाओं का पलायन रोकने के लिए करेंगे हरसंभव प्रयास
बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है कि स्नातक के साथ युवा कोई न कोई तकनीकि कोर्स भी करें, यह सरकार की भी मंशा है। पाली में मेडिकल कॉलेज शुरू हो गया है। फिर से जनता ने मौका दिया तो कॉलेजों में व्याख्यताओं के रिक्त पदों की पूर्ति करवा दी जाएगी। सथ ही एमबीए, इंजीनियरिंग की डिग्री के लिए युवाओं को शहर छोडकऱ न जाना पड़े, इसको लेकर योजना बनाएंगे और उसे मूर्त रूप देंगे। -पी.पी. चौधरी, भाजपा, प्रत्याशी
बैंकों से शिक्षा ऋण दिलाने की प्रक्रिया करेंगे सरल
बेहतर भविष्य के लिए पाली के युवा तकनीकि कोर्स करें। इसलिए बैंकों से शिक्षा ऋण दिलाने की प्रक्रिया का सरलीकरण करवाएंगे। क्योंकि कई बार देखा जाता है कि आर्थिक परेशानी के चलते कई प्रतिभावान युवा अपने सपने पूरे नहीं कर पाते। इसके साथ ही पाली जिले में भी तकनीकि कोर्स हो इसके लिए भी हमारी सरकार प्रयास करेगी। आइटीआइ व पॉलोटेक्निक कॉलेज को भी अपग्रेड करवाने का कार्य प्राथमिकता से करेंगे। यदि जनता ने इस बार मुझे सेवा का मौका दिया तो युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा के द्वार खुलवाए जाएंगे। -बद्रीराम जाखड़, कांग्रेस, प्रत्याशी।





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