गंगापुरसिटी . गो-ग्राम सेवा संघ राजस्थान के तत्वावधान में शनिवार को गोशालाओं के बकाया अनुदान एवं अन्य समस्याओं को लेकर संघ के जिलाध्यक्ष विजय गोयल के नेतृत्व में गोपालन मंत्री के नाम एसडीएम विजेन्द्र कुमार मीना को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में बताया कि प्रदेश सरकार की उदासीनता के चलते गौशालाओं का जनवरी माह से गौशाला विकास योजना एवं नंदी शालाओं का 50 लाख का अनुदान बकाया चल रहा है। बीकानेर व भरतपुर में गो-अभयारण्य व गौशालाओं में बायोगैस प्लांट का कार्य सरकार की अनुमति के बिना पूरा नहीं हो सका है। उच्च न्यायालय के आदेशानुसार 100 गोवंश एवं 1 साल पुरानी गौशालाओं को अनुदान दिया जाना था, लेकिन सरकार ने इन गौशालाओं को अनुदान में शामिल नहीं किया।
उन्होंने गौशालाओं में कम्प्यूटर की अनिवार्यता को समाप्त करने, गो-तस्करी के लिए पुलिस चौकियां गठित करने, गोचर भूमि का सीमांकन विकसित करने एवं ईट-भट्टा व गिट्टी फैक्ट्रियों में चारे के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने संबंधी मांग रखी। ज्ञापन में गो-संवर्धन कोष को बढ़ाने के लिए टोल, खनन रॉयल्टी व कर्मचारियों के वेतन पर गोसेवा सेंस लगाने का सुझाव दिया। ज्ञापन के दौरान महामंत्री प्रमोद मोदी, श्री गोपाल गौशाला के कृपाशंकर उपाध्याय, राधावल्लभ गुप्ता, श्याम परिवार गौशाला के नंदकिशोर धोलेटा, भगवान सहाय गुप्ता, संजय गुप्ता एवं महेश आरेड्या उपस्थित थे।





No comments:
Post a Comment