ग्रामीणों का आरोप शराबी तत्वों की कारस्तानी
नारणावास. कस्बे में शराबी तत्वों के आतंक से लोग परेशान हैं।सार्वजनिक टंकी के नल तोड़ देने से लोगों को पानी नसीब नहीं हो रहा है।इससे लोग पेयजल के लिए भटकने को मजबूर है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि मार्ग पर कांच की बोतलें एवं पव्वे तोडऩे का सिलसिला आए दिन रहता है।अब पनघट योजना के तहत बनी सार्वजनिक टंकी के नल तोड़ दिए हैं।कस्बे में जुझार बावसीमंदिर के पास पनघट योजना के तहत बने सार्वजनिक टांके के नल तोड़े गए हैं।नलों से जुड़ीपाइप भी क्षतिग्रस्त कर दिए।इससे टंकी का पानी बह गया।ऐसे में ठीक होने तक इस टंकी में पानी नहीं भरा गया।तीन दिन तक सूखी रही इस टंकी के नल बुधवार को ठीक किए गए।जलदाय विभाग कर्मचारी भंवरलाल ने वेल्डिंग मशीन लाकर वापस पाइप ज्वाइंट किए तथा नएनल लगा कर जलापूर्ति शुरू की। तीन दिन तक जलापूर्ति नहीं होने से ग्रामीण परेशान रहे।मवेशियों के लिए बना आवाड़ा भी सूखा रहा।
भुगत रहे खामियाजा
ग्रामीणों ने बताया कि शराबी तत्वों पर अंकुश नहीं लगाया जा रहा है, जिससे लोग परेशानी उठा रहे हैं।आए दिन इनके आतंक का खामियाजा भुगत रहे हैं। मार्ग में ही कांच की बोतलें व पव्वे फोडऩे से लोग अक्सर चोटिल होते हंै। वाहन भी क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।रात को मुख्य मार्ग में ही बैठे रहते हैं, जिससे लोगों का इन रास्तों से गुजरना दूभर हो रहा है।
महिलाओं को मुश्किल
ग्रामीणों ने बताया कि शराबी तत्वों को समझाने का प्रयास करना भी भारी पड़ता है। इस प्रयास में शराबी तत्व उलझ कर गाली-गलौज व मारपीटपर उतारू हो जाते हैं।ऐसे में कई लोग इनको देखकर दूर से निकलने में भलाई समझते हैं। शराबी तत्व शाम के समय सार्वजनिक टांके एवं बस स्टैंड के आस पास बैठ जाते हंै, जिससे महिलाओं को आवाजाही करने में भी भय लगता है।





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