अलवर. आईपीएल टी-20 क्रिकेट सट्टे के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई से सटोरियों में हडक़म्प मच गया है। ज्यादातर सटोरिये अवैध कारोबार बंद कर भूमिगत हो गए हैं। कुछ अब भी चोरी-छिपे छोटा-मोटा सट्टा खिला रहे हैं। अलवर जिले में आईपीएल टी-20 क्रिकेट प्रतियोगिता के दौरान करोड़ों रुपए का खेल होता है। हर मैच में टीमों की हार-जीत पर करोड़ों रुपए का सट्टा लगता है। अलवर में मोटी मलाई देख बड़े बुकी समेत दर्जनों सटोरिये और खाईवाल इस अवैध धंधे से जुड़े हुए हैं। इस बार आईपीएल क्रिकेट मैचों की शुरुआत में ही पुलिस ने बड़े बुकी, सटोरियों और खाईवालों पर कड़ा शिकंजा कस दिया। पुलिस की एक के बाद एक कार्रवाई से सटोरियों में हडक़म्प मचा हुआ है। वे अपना अवैध धंधा बंद कर शहर छोडकऱ भाग गए हैं।
दिल्ली, गुरुग्राम व जयपुर वालों ने नाता तोड़ा
दिल्ली, गुरुग्राम और जयपुर बैठकर अलवर में सट्टे का बड़ा नेटवर्क चला रहे बड़े बुकियों ने पुलिस की कार्रवाई के डर से अलवर के सटोरियों ने फिलहाल नाता तोड़ लिया है। सूत्रों की मानें तो बड़े बुकी इस आईपीएल में अलवर में क्रिकेट सट्टे का काम करने से कतरा रहे हैं।
अब तक 17 धरे
पत्रिका के खुलासे के बाद पुलिस ने आईपीएल क्रिकेट मैचों के दौरान सटोरियों पर तीन कार्रवाई की है, जिसमें 17 सटोरिये धरे गए हैं। सीआईयू टीम और कोतवाली थाना पुलिस ने 28 मार्च को मनुमार्ग तिराहे के समीप से टाइगर कॉलोनी मूंगस्का निवासी दिनेश उर्फ दुली और हीराबास निवासी पवन सैनी दबोचा। इसके बाद 31 मार्च को एनईबी थाना पुलिस और सीआईयू टीम ने हसनखां मेवात नगर स्थित पर्ल होटल से शिवाजी पार्क निवासी प्रिंस सिंह, नरेश, विनय, यशपाल, राजीव, गौरव कुमार, कमल, आदित्य और रायपुर-खैरथल निवासी प्रवेश को गिरफ्तार किया। फिर भिवाड़ी पुलिस ने भिवाड़ी के ओरा सोसायटी के एक फ्लैट में कार्रवाई कर अलवर के मोती डूंगरी निवासी वरुणसिंह, सर्राफा बाजार निवासी संजय, स्कीम-2 निवासी राहुल, कालाकुआं निवासी प्रतीक, मीनापाड़ी निवासी दीपक व एक रसोइये को गिरफ्तार किया था। इन सभी सटोरियों के पास करीब 1.30 लाख रुपए नकद, करोड़ों के क्रिकेट सट्टे का हिसाब-किताब और दर्जनों मोबाइल बरामद हुए।
अलवर में आईपीएल मैचों में लग रहे करोड़ों रुपए के सट्टे को लेकर राजस्थान पत्रिका ने हाल ही ‘अलवर में करोड़ों का आईपीएल’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद पुलिस हरकत में आ गई और सटोरियों की धरपकड़ में जुट गई।





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