सीकर. शेखावाटी में अप्रेल माह की शुरूआत में ही तेज गर्मी ने अपना आपा खो दिया है। दिन में तेज गर्मी रही। सीकर जिले में खाटूश्यामजी सहित अन्य इलाकों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई है। शाम को मौसम में पलट गया और धूलभरी आंधियां चली। पूरा वातावरण धूल धूसरित हो गया। इधर पिछले दो दिन से गर्मी के तीखे तेवर के कारण प्रदेश भीषण गर्मी की चपेट में आ गया है। इधर मौसम विभाग ने भी अगले 24 घंटे में पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में प्रचंड ऊष्ण लहर लू चलने की चेतावनी दी है। फतेहपुर में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री को पार कर गया जो अप्रेल के पहले चार दिनों में पिछले कई वर्षो के औसत तापमान की तुलना में तीन डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी औसत तापमान से दो डिग्री ज्यादा रहा। इससे गर्मी की भीषणता का अंदाज लगाया जा सकता है। सीकर में सुबह से मौसम साफ रहा। हवा में नमी की मात्रा कम होने से तपन का अहसास हुआ। दोपहर 12 बजे ही तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया। पंखे भी गर्म हवाएं फेंकने लगे। फतेहपुर में अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
ड्राइवेदर की स्थिति
शेखावाटी में इस बार अप्रेल माह सबसे अधिक गर्म है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि पिछले एक दशक से मौसम चक्र में लगातार बदलाव हो रहा है। यही कारण है कि शेखावाटी में ड्राइवेदर की स्थिति बन गई है। इसका नतीजा है कि एक वर्ष में शेखावाटी में अप्रेल माह के तापमान में डेढ़ से दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही धरती के औसत तापमान में बढ़ोतरी हुई। इस कारण आमतौर पर अप्रेल माह के पहले सप्ताह में रहने वाला अधिकतम तापमान सप्ताह के दौरान ही शुरू हो गया।
गर्मी की शुरूआत में पानी को तरसे
तापमान में हो रही लगातार बढ़ोतरी के कारण गर्मी के पीक सीजन से पहले ही गांव व ढाणियों में पेयजल संकट हो गया है। पहाड़ी इलाके में रहने वाले वन्य जीवों की प्यास की भगवान भरोसे बुझ रही है। वन विभाग की माने तो पीक सीजन में वन्य जीवों के लिए पानी की स्थिति ज्यादा खराब हो जाएगी। अप्रेल माह में आमतौर पर दिन का औसतन तापमान 35 डिग्री तक रहा है, लेकिन इस बार यह माह के पहले सप्ताह में ही करीब 42 डिग्री तक पहुंच गया।





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