प्रतापगढ़. जिले में चिकित्सकों की कमी के कारण इलाज से महरूम जनता पर चुनाव आयोग के एक आदेश ने मरहम का काम किया गया है। हाल ही में आयोग के आदेश पर जिले में सात नए चिकित्सक मिल गए हैं। नए आने वाले चिकित्सकों को बीते दिनों ही स्थानांतरण प्रक्रिया में प्रतापगढ़ जिला मिला था। किंतु आचार संहिता के कारण इनको नए स्थान पर तैनाती में मामला अटक गया था।अब सातों चिकित्सकों को जिले में पदभार ग्रहण करना होगा। चिकित्सा निदेशालय द्वारा 9 मार्च को एक स्थानांतरण आदेश जारी किए थे। जिनमें प्रतापगढ़ जिले में सीएचसी अरनोद में चार, पीएचसी दलोट, घंटाली व ग्यासपुर में एक-एक चिकित्सक को लगाया था। इसके कुछ दिनों बाद लोकसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू हो गई थी। इसके प्रभावी होने से इस आदेशों की पालना नहीं हो पाई थी। इसके बाद मामले को उच्चाधिकारियों को अवगत करवाकर जिले की स्थिति को बताया गया। जिसके बाद निदेशालय द्वारा स्थानांतरित आदेश की पालना करवाए जाने को लेकर चुनाव आयोग की शरण ली, इस पर आयोग द्वारा इन चिकित्सकों को नए स्थान पर तैनाती की हरी झंडी मिल गई।
यहां लगगे चिकित्सक
सीएचसी अरनोद -04 चिकित्सक
पीएचसी दलोट-01 चिकित्सक
पीएचसी घंटाली-01 चिकित्सक
पीएचसी ग्यासपुर-01 चिकित्सक
लंबे अरसे से खाली था, अरनोद उपखण्ड
आयोग के आदेश के बाद सबसे ज्यादा राहत अरनोद उपखण्ड को मिला है, यहां पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों के पद लंबे अरसे से खाली थे, बात करें सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की तो यहां पर कुल पांच चिकित्सकों के पद स्वीकृत है, लेकिन वर्तमान में एक भी चिकित्सक नहीं है, स्थानीय अधिकारियों द्वारा डेपूटेशन पर अन्य चिकित्सालयों से यहां दो चिकित्सक लगा रखे है। अब यहां पर कुल 04 चिकित्सकों की नियुक्ती से हालात में सुधार होंगे। वहीं दलोट में भी एक चिकित्साधिकारी को लगाया गया है।
मिले है आदेश
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान की सहमति के अनुसरण में विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किए गए है। नए चिकित्सकों के ज्वाइनिंग के बाद सबसे ज्यादा राहत अरनोद उपखण्ड को राहत मिलेगी।
डॉ. वी के जैन,
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, प्रतापगढ़





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