बीकानेर. शहर में गणगौर पूजन उत्सव परवान पर है। गंगाशहर में रियासतकालीन परम्परानुसार मंगलवार को गणगौर पार्क स्थित माहेश्वरी कुएं के पास गणगौर मेला भरेगा और यहां आने पर गणगौर प्रतिमाओं को पानी पिलाने और खोळा भरने की रस्म होगी। गणगौर उत्सव में सोमवार को सारड़ा-ओझा परिवार की गणगौर प्रतिमाओं को दूल्हा-दुल्हन की तरह सजाया गया। सारड़ा चौक में खोळा भरने की रस्म हुई। रातीजोगा में महिलाओं व बालिकाओं ने पारम्परिक गीत गाए और नृत्य प्रस्तुत किए।
आयोजन से जुडे़ बजरंग लाल सारड़ा ने बताया कि मंगलवार को शाम ५ बजे महाआरती, ६ बजे गणगौर प्रतिमाओं की शोभायात्रा निकाली जाएगी। सारड़ा-ओझा परिवार की गवर-ईसर की प्रतिमाओं के माहेश्वरी कुए की परिक्रमा करवाने और सेवरा देने की रस्म होगी। बाद में गणगौर को ससुराल भेजने और विदाई होगी।गणगौर पार्क में सांस्कृतिक कार्यक्रम और सम्मान समारोह मंगलवार को होगा। गणगौर महाआरती में विनोद कुमार ओझा, सुंदर लाल ओझा, श्रीगोपाल सारड़ा, शिवभगवान सारड़ा, संजय सारड़ा, बाबूलाल, केशव सारड़ा आदि मौजूद रहे।
गणगौर प्रतिमाओं की शोभायात्रा
भीनासर में तरुण सेवा समिति की ओर से मुरली मनोहर मैदान में गणगौर मेले के आयोजन किया गया। जैन जवाहर विद्यापीठ से गणगौर प्रतिमाओं की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। शोभायात्रा में शामिल गणगौर प्रतिमाओं को पानी पिलाने और खोळा भरने की रस्म समिति के अध्यक्ष इन्द्र चन्द प्रजापत के नेतृत्व में संस्था सदस्यों ने की। समिति के मंत्री तोताराम नाई ने बताया कि मेले में बालिकाओं ने लोकगीतों की धुनों पर नृत्य प्रस्तुत किए। पं. सुशील भादाणी ने पूजन कार्य करवाया। समिति ने बालिकाओं को पुरस्कृत किया।





No comments:
Post a Comment