अजमेर.
कौशल विकास योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के कॉलेज में उद्यमिता प्रकोष्ठ योजना कहीं खो गई है। ना प्रकोष्ठ ना इससे जुड़े कार्यक्रमों की शुरुआत हुई है। आदेश कागजों में दबकर रह गया है।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, स्टार्ट अप अैार अन्य कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए सभी सरकारी कॉलेज में उद्यमिता प्रकोष्ठ स्थापित होने हैं। इनका उ²ेश्य युवाओं में कौशल और क्षमता विकास, स्टार्ट अप की शुरुआत, व्यावसायिक गतिविधियों, बाजार व्यवस्था से रूबरू कराना है। इसके लिए कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने आदेश भेजे। कुछेक कॉलेज को छोडकऱ अधिकांश में इसकी अनुपालना नहीं हो पाई है।
यूं बनने हैं प्रकोष्ठ
प्रस्तावित उद्यमिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्राचार्यों को बनाया जाना है। आईटी अथवा इनके समकक्ष फेकल्टी को परामर्शदाता बनाया जाना है। नियमित अथवा सेल्फ फाइनेंसिंग कोर्स में अध्ययनरत विद्यार्थी (न्यूनतम 50) इसके सदस्य होंगे। सामाजिक गतिविधियों और अच्छे शैक्षिक पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थी संयोजक होंगे। इसमें गतिविधियों के संचालन के लिए पांच व्यक्ति होंगे।
कहीं यह वजह तो नहीं...
नियमों में कहा गया था, कि कॉलेज विद्यार्थियों से किसी तरह का सदस्यता शुल्क नहीं लेंगे। अलबत्ता प्रकोष्ठ की गतिविधियों का संचालन बॉयज फंड की राशि से किया जा सकेगा। प्रकोष्ठ के पदाधिकारी अपने स्तर पर औद्योगिक घरानों अथवा वित्तीय संस्थान से कार्यक्रमों के आयोजन में सहयोग ले सकेंगे। संभवत: आर्थिक परेशानी के चलते ही कॉलेज ने योजना में रुचि नहीं दिखाई है।
यह होने हैं कार्यक्रम
-विद्यार्थियों को स्टार्ट अप के लिए प्रोत्साहन देना
-ओरिएन्टेशन कार्यक्रमों का आयेाजन
-संस्थान के आठ किलोमीटर के दायरे में प्रतिमाह दो बार समूह संवाद
-व्यवसाइयों, औद्योगिक घरानों, प्रशासकों और सफल उद्यमियों के साथ बैठक
-स्टार्ट अप के लिए वित्तीय सहायता के स्त्रोत तलाशना
-कॉलेज परिसर में रोजगार मेले, कैंपस प्लेसमेंट और अन्य गतिविधियां





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