कोटा. प्रदेश की 13 सीटों पर प्रचार का शोर शनिवार को पूरी तरह से थम गया है। हाड़ौती में 2 सीटों समेत इन सभी सीट पर सोमवार को मतदान किया जाएगा। 2014 के मुकाबले इस बार हाड़ौती में चुनाव बेहद ही दिलचस्प रहने वाला है। पूर्व मुख्यमंत्री, दो मौजूदा मंत्री से लेकर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष तक की सांख दांव पर है।
वसुंधरा राजे
आपको बता दें झालावाड़ बारां सीट से पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह चुनाव मैदान में हैं। यहां भाजपा की हार-जीत का गणित इन्हीं के इर्द-गिर्द घुमता है। 1989 में वसुंधरा राजे ने अपना पहला चुनाव यहीं से लड़ा था। इसके बाद भाजपा कभी इस सीट से नहीं हारी है। वसुंधरा 4 तो दुष्यंत 3 बार यहां से सांसद रहे हैं। मौजूदा चुनावों में भी वसुंधरा राजे पर ही दुष्यंत को जिताने की जिम्मेदारी है।
शांति धारीवाल
गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री और हाड़ौती में कांग्रेस के दिग्गज नेता शांति धारीवाल यूं तो चुनावी मैदान में नहीं है, लेकिन यहां से कांग्रेस प्रत्याशी की हार-जीत धारीवाल की राजनीति को जरूर प्रभावित करेगी। भाजपा के गढ़ में सेंध लगाने की जिम्मेदारी इन्हीं के कंधो पर है। बूंदी में राहुल की जनसभा के बाद धारीवाल ने कोटा में भी कांग्रेस अध्यक्ष की सभा करवाई थी। धारीवाल, रामनारायण मीणा के समर्थन में बूथ सम्मेलन और रोड शो भी कर चुके हैं।
प्रमोद जैन भाया
पिछले दो चुनावों की तरह इस बार झालावाड़-बारां संसदीय सीट से राजे परिवार के सामने भाया सीधे मुकाबले में नहीं है लेकिन यहां कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद शर्मा से कई अधिक प्रमोद जैन भाया की प्रतिष्ठा दांव पर है। कैबिनेट मंत्री प्रमोद जैन भाया पिछले चुनाव में दुष्यंत सिंह के सामने चुनावी मैदान में थे लेकिन इस बार उन्हें प्रमोद शर्मा को जिताने की जिम्मेदारी दी गई है। चूंकि बारां में भाया का प्रभाव है और प्रमोद शर्मा झालावाड़ से ताल्लुक रखते हैं। ऐसे में दोनों सीटों पर कांग्रेस का प्रदर्शन हार-जीत का गणित तय करेगा।
ओम बिरला
कोटा-बूंदी संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशी ओम बिरला के सामने पूर्व सांसद और पीपल्दा विधायक रामनारायण मीणा की चुनौती है। किसी बड़े नेता कि सभा नहीं होने के बावजूद वे जीत के लिए आश्वस्त है। भाजपा में चुनावी रणनीति बनाने में माहिर बिरला के लिए ये चुनाव पहले की तरह आसान नहीं है, लेकिन पार्टी के कुछ पूर्व विधायकों के विरोध के बावजूद भाजपा ने बिरला पर ही दांव खेला है।





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