ईशर-गणगौर के निकल रहे हैं बंदोरे
झुंंझुनूं. अंचल में गणगौर पर्व परवान पर है। नव विवाहिताओं के साभौग्य का प्रतीक पर्व गणगौर की झलक हर गली-मोहल्ले में देखी जा सकती है। नव विवाहिताएं व युवतियां अल सुबह गणगौर माता को जगाने जाती हैं। इस दौरान उनके द्वारा गाए जाने वाले गीत गौर ए गणगौर माता खोल दे किवाड़ी..., पाटो धोय पाटो धोय, बीरा की बहन पाटो धो..., आदि से अल सुबह के वातावरण और भी संगीतमय हो जाता है। वे गणगौर को जगाने, श्रंगार करने, पानी पिलाने, दूब से जीमाने समेत पूजन कार्य करती है। महिलाएं व युवतियां अपने सर पर गणगौर माता को रखकर गीत गाती हुई बंदोरे निकालती हैं। ऐसे में लोगों को अपनी लोक संस्कृति की झलक देखने को मिल जाती है। शहर के गली मोहल्लों में गणगौर माता के बंदोरे निकाले जा रहे हैं।
8 को निकलेगी गणगौर की सवारी
मलसीसर. कस्बे के फोर्ट से 8 अप्रेल को ईशर गणगौर की शाही सवारी धूमधाम से निकाली जाएगी। गणगौर मेला प्रबंधन कमेटी के प्रेम सिंह चौहान ने बताया कि 8 अप्रेल को ईशर गणगौर की प्रतिमा का विशेष शृंगार करने के बाद पूजा अर्चना होगी। शाम 4 बजे मलसीसर फोर्ट से ईशर गणगौर की शाही सवारी के साथ लोक कलाकार ढप चंग बजाते गाते, ऊंट घोड़े का लवाजमा गाजे बाजे के साथ रवाना होगें। इस अवसर पर गणगौरी चौक पर मेले का आयोजन होगा। नवलगढ़.गणगौर मेले को लेकर डूण्डलोद गढ़ में बैठक हुई। रघुवेन्द्र सिंह ने बताया कि इस बार गणगौर मेले को डूण्डलोद महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। कार्यक्रम के तहत छह अप्रेल को मेहन्दी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। शाम को इसी दिन विभिन्न संगठनों व संस्थानों की ओर से सांस्कृतिक प्रस्तुति दी जाएगी। सात अप्रेल को राजदेलसर की ढफ पार्टी के द्वारा धमालों की प्रस्तुति दी जाएगी। आठ अप्रेल को प्रवासी नागरिक अभिनंदन किया जाएगा। इसके बाद गणगौर की सवारी निकाली जाएगी। जो डूण्डलोद किले से झुपा बस स्टेण्ड तक निकाली जाएगी। गणगौर महोत्सव में राज्य स्तरीय वालीबॉल का भी आयोजन किया जाएगा। बैठक में सुनयना मिश्रा, सुशील लालासीवाला, गिरधारी लाल इन्दोरिया, उमेश मिश्रा, सुरेश नूआवाला, भीमसिंह बडग़ुर्जर, अकबर हुसैन, मजीद खां, बनवारी लाल जांगिड़, तेजरतन धाबाई, बंसन्त कानोडिय़ा, उमादत तोलासरिया, गोकुल तोलासरिया, हरीनारायण शर्मा आदि मौजूद थे।






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