भीलवाड़ा।
भीलवाड़ा आगार में परिचालकों को इलेक्ट्रोनिक टिकटिंग मशीन (ईटीएम) के आवंटन में गड़बड़झाला सामने आया है। मशीन के बदले पैसे लेने का खेल चल रहा है, जिसका वीडियो किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद बुधवार को रोडवेज बस स्टैण्ड पर हड़कम्प मचा गया। आगार प्रबंधन ने किरकिरी को देखते तत्काल बैग सेक्शन में लगे बाबू बने वरिष्ठ परिचालक को हटाकर वापस रूट पर भेज दिया। मामले में जांच कमेटी बनाई जा रही है, जो रिपोर्ट मुख्य प्रबंधक को सौंपेगी।
जानकारी के अनुसार सफर के दौरान टिकट बनाने के लिए रोडवेज स्टैण्ड पर बैग सेक्शन से परिचालकों को ईटीएम दी जाती है। सेक्शन से वायरल वीडियो में सेक्शन प्रभारी गोपाल गुवालिया ईटीएम देने से पहले पैसे जेब में डाल रहा है। माना जा रहा है कि जो परिचालक सुविधा शुल्क देते हैं, उनको ही मशीन दी जाती है। असल में भीलवाड़ा आगार में पचास फीसदी मशीन खराब है। ऐसे में अधिकांश परिचालक रूट पर टिकट डायरी के जरिए हाथ से टिकट बनाते हैं। बुधवार को रोडवेज के हर कर्मचारी के मोबाइल में वायरल वीडियो था, जो बाद में मुख्य प्रबंधक ओमप्रकाश चेचाणी तक पहुंचा। चेचाणी ने गुवालिया को सेक्शन से हटा बतौर परिचालक रूट पर भेज दिया।
एेसा इसलिए हो रहा
भीलवाड़ा आगार में अभी 175 मशीन है। इनमें 62 परिचालकों को व 16 बुकिंगों पर है। 76 मशीन खराब है। इनको बदलने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखे, लेकिन नई मशीन नहीं मिली।
हाथ से नहीं बनाना चाहते
परिचालक मशीन से एक मिनट में लगभग 45 टिकट काट सकता है। हाथ से प्रति मिनट पांच टिकट ही बन पाते हैं। इसके चलते हर परिचालक मशीन की मांग करता है। रूट पर फ्लाइंग का पता लगने के बाद मशीन से कुछ समय में ही बेटिकट यात्रियों को भी टिकट थमाने में आसानी रहती है। रूट से लौटने के बाद परिचालक को वेबिल की टोटल लगाने, लेखाधिकारी को राशि सौपने और उसका मिलान में समय अधिक लगता है।
पत्रिका ने पहले भी उठाया था मुद्दा
राजस्थान पत्रिका ने ईटीएम मशीन की भीलवाड़ा आगार में कमी का मुद्दा उठाया था। १९ दिसम्बर २०१८ के अंक में टिकट काटने की मशीनों का कटा पत्ता, हो गई कबाड़ शीर्षक से मामले को उठा चुका है।
इनका कहना है
वीडियो ध्यान में आया है। बैग सेक्शन प्रभारी गुवालिया का कहना है कि वह खुल्ले पैसे ले रहा था। किसी ने वीडियो बनाकर दूसरे रूप में प्रदर्शित किया है। फिर भी सेक्शन प्रभारी को हटाकर रूट पर भेजा है। मामले की जांच करवाई जाएगी।
- ओमप्रकाश चेचाणी, मुख्य प्रबंधक, भीलवाड़ा आगार





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