जयपुर।
पश्चिमी राजस्थान में सक्रिय चक्रवाती तंत्र के असर से पारे की बढ़ती रफ्तार पर आंशिक रोक लगी है लेकिन धूलभरी हवाएं प्रदेशवासियों को परेशान कर रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले दो तीन दिन में प्रदेश के उत्तर पश्चिमी इलाकों में अंधड़ चलने व गर्मी के तेवर और तीखे होने का अंदेशा है।
फिलहाल बाड़मेर,जैसलमेर के अलावा प्रदेश के शेष भागों में दिन के तापमान में आंशिक कमी दर्ज हुई है लेकिन फिर भी गर्मी के तीखे तेवरों से राहत नहीं मिल रही है। आसमान से बरसती आग से मरूधरा तपने लगी है वहीं रात में भी गर्मी असर दिखाने लगी है।
बीते चौबीस घंटे में प्रदेश के उत्तर पूर्वी जिलों में रात के तापमान में उतार चढ़ाव रहा है। उत्तर पूर्वी राज्यों से होकर प्रदेश तक पहुंच रही पूर्वी हवाओं के असर से प्रदेश के उत्तर पूर्वी इलाकों में रात में गर्मी के तेवर थोड़े नर्म रहे हैं।
स्थानीय मौसम केंद्र ने 5 अप्रैल तक प्रदेश के उत्तर पश्चिमी और दक्षिणी इलाकों में तेज रफ्तार से धूलभरी हवाएं चलने के संकेत दिए हैं। राजधानी जयपुर में आज सुबह 9 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से पूर्वी हवाएं चलने पर सुबह गर्मी के तेवर थोड़े नर्म रहे वहीं सुबह सात बजे शहर का अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है।
इसलिए अचानक बढ़ा तापमान
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर सहित गुजरात, मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र में विपरीत हवा का चक्रवात बना है। 4.5 किमी के ऊपर पश्चिमी हवाओं का बहाव देखा जा रहा है। इसके चलते पारा अचानक ऊपर आया है।





No comments:
Post a Comment