उमेश मेनारिया/मेनार. संकटमोचन कहलाने वाले केसरी नंदन भगवान हनुमान का जन्मोत्सव (Hanuman Jayanti) 19 अप्रेल को मनाया जाएगा। इस अवसर पर अभी से हनुमान मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। 18 अप्रैल की रात 9 बजकर 23 मिनट पर चित्रा नक्षत्र के लगते ही हनुमान जयंती की तिथि प्रारंभ हो जाएगी। इस वर्ष हनुमान जयंती पर चित्रा नक्षत्र के साथ गजकेसरी योग भी बन रहा है। ऐसा संयोग वर्षों बाद आया है। चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जी के जन्मदिन के रूप में मनाते हैं।
ज्योतिष के अनुसार हनुमान जी का जन्म दो खास नक्षत्रों में हो रहा है । इस वजह से इस बार भक्तों पर विशेष कृपा बरसेगी। इस दिन कोई भी नया काम शुरू करना बेहद शुभ होता है। पण्डित अम्बा लाल शर्मा ने बताया इस वर्ष हनुमान जयंती पर दो खास ज्योतिष नक्षत्र बन रहे हैं। पहला है चित्रा और दूसरा है गजकेसरी योग। पंचांग के अनुसार 18 अप्रैल की रात 9 बजकर 23 मिनट पर चित्रा नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा। यह नक्षत्र अगले दिन दिन यानी 19 अप्रैल की शाम 7 बजकर 19 मिनट तक मान्य रहेगा। दूसरा नक्षत्र गजकेसरी सूर्योदय से ही प्रारंभ हो जाएगा। इन दोनों नक्षत्रों के बीच ही केसरी नंदन भगवान हनुमान का जन्म होगा।
मन्त्र ॐ मंगलमूर्ति हनुमते नमः का जाप करने से एवम हनुमान जन्मोत्सव के दिन बजरंगबली की विधिवत पूजा पाठ करने से शत्रु पर विजय मिलने के साथ सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती है। मेनार में होंगे विविध आयोजन हनुमान जन्मोत्सव को लेकर मेनार कस्बे में तैयारियां जोरो पर है। नवयुवक मंडल की बैठक में कार्यक्रम आयोजन को लेकर मुख्य निर्णय लिए गए। वहीं जुलूस निकालने को लेकर सदस्यो की सहमति बनी। इधर, कस्बे के ब्रह्म सागर एवं धण्ड तालाब स्थित हनुमान मंदिर में विविध आयोजन होंगे। नवयुवक मण्डलो द्वारा कस्बे में विशाल रथ जुलूस यात्रा





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