सीकर।
प्यार कब कहां और किससे हो जाए कुछ नहीं कहा जा सकता है। हां यह जब परवान चढ़ता है तो दुनिया वालों के साथ रिश्तेदारों को आपत्ति जरूर होती है। इसमें कुछ लोग सफल भी हो जाते हैं। वहीं कुछ दुनिया वालों के मुंह पर तमाचा मारते हुए अपनी जिंदगी ही खत्म कर लेते हैं। जो कि बहुत ही गलत है। प्यार का दूसरा नाम त्याग और समर्पण है। इसे निभाने और पाने के लिए दुनिया से लडऩा भी जरूरी है। सीकर में ऐसे ही प्यार का दर्दनाक अंत सामने आया है। जहां प्यार में नाकाम होने की आशंका और परिजनों के विरोध के चलते प्रेमी जोड़े ने 70 फीट कुएं में कूदकर एक साथ मौत को गले लगा लिया। दोनों के बीच कई सालों से प्रेम प्रसंग था। युवक व युवती आपस में शादी करना चाह रहे थे। लेकिन, दोनों के ही परिजन इनकी शादी के खिलाफ होने के कारण दोनों ने एक दूसरे से बिछडऩे के डर से एक साथ मौत को गले लगाना उचित समझा और 70 फिट गहरे कूएं में कूदकर अपनी जान दे दी। जिनके शवों का पोस्टमार्टम कर मंगलवार को पुलिस ने दोनों के परिजनों को सौंप दिया है। घटना सीकर के झीगर छोटी की है जहां सोमवार को दोनों के कुएं कूदकर जान दे दी।
घर बुलाया और ले गया अपने साथ
दादिया थानाधिकारी बृजेंद्र ङ्क्षसह राठौड़ ने बताया कि युवती शारदा और सत्यप्रकाश के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। जिसके चलते रविवार रात 11.30 बजे सत्यप्रकाश ने शारदा को रघुनाथगढ़ स्थित उसके बहन के घर से बुला लिया था और उसे बाइक पर लेकर अपने गांव झीगर छोटी आ गया था। इसके बाद सत्यप्रकाश ने सुसाइड नोट लिखा और युवती शारदा के साथ 70 फिट गहरे कूएं में कूद गया था। रात को जब कूएं के पास इसकी लावारिश खड़ी बाइक देखी तो ग्रामीणों ने कूएं में झांक कर देखा तो पता लगा कि दोनों की मौत हो चुकी है। इसके बाद दोनों के शव पुलिस ने बड़ी मशक्कत कर कूएं से निकाले थे।
सुसाइड नोट में लिखा- मेरी याद में रख लेना बाइक
मौत को गले लगाने से पहले सत्यप्रकाश ने सुसाइड नोट लिखा था। जिसमें उसने कहा कि हम दोनों आपस में प्रेम करते हैं। मौत के बाद घरवालों को परेशान नहीं किया जाए। सुसाइड नोट में यह भी लिखा था कि बाइक को बेची नहीं जाए, यह मेरी यादाश्त के लिए रख ली जाए। बता दें कि शारदा कक्षा नौवीं और सत्यप्रकाश ने 12वीं पास कर रखी थी। सत्यप्रकाश के पिता सरकारी शिक्षक थे। जिनकी मौत हो चुकी है। सत्यप्रकाश बेरोजगार घूम रहा था। इधर, शारदा की मां नहीं थी। उसका एक बड़ा भाई है।
घरों में मातम्र
जान देने वाले दोनों युवक युवती के घर मातम पसरा हुआ है। घटना के बाद गांव के लोग भी सदमे में हैं। मंगलवार दोपहर बाद दोनों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।





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