आबूरोड. जिले का सबसे बड़ा क्षेत्र होने के बाद यहां लंबे अर्से से पशु चिकित्सक व अन्य कार्मिकों के पद रिक्त होने के कारण पशुपालकों को परेशानियों से रु.ब.रु होना पड़ रहा है। कई जगहों पर तो पशु चिकित्सक के अभाव में पशुओं का इलाज पशुधन सहायक की करते थे, लेकिन कुछ माह पहले यहां के कई सहायकों को फिर से स्थानातंरण कर दिया। ग्रामीणों का मुख्य व्यवसाय पशुपालन होने के कारण पश ुचिकित्सालय में पशु चिकित्सक पद रिक्त होने से पशुओ का ईलाज करना मुश्किल है।
तो भाखर क्षेत्र में कैसे मिलेगा योजना का लाभ
सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं का संचालन कर पशुओं को विभिन्न बिमारियों से दूर रखने का जतन किया जा रहा है, लेकिन यहां स्टाफ की कमी होने के कारण सरकार के सभी दावें भाखर क्षेत्र में फेल हो रहे है। प्रयाप्ट स्टाफ नहीं होने के कारण यहा पशुओं में विभिन्न बिमारियों का अंदेशा हो रहा है।
चल रही गणना
विभाग की ओर से आबूरोड समेत जिलेभर में पशुओं की गणना भी चल रही है, ऐसे में यहां मौजूदा स्टाफ के आधे कर्मचारी तो गणना में चले जाते है, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र में पशु के बीमार होने की सूचना मिलने पर स्टाफ को भेजने में भी परेशानी हो जाती है, कई बार तो ग्रामीण स्वंय पशुओं को अस्पताल लाते है।
ये पद है रिक्त
पद स्वीकृत रिक्त
वरिष्ठ पशु चिकित्सक ३ -
वेटनरी पशुचिकित्सक ०५ ४
पशु चिकित्सा सहायक ०५ ०३
पशुधन सहायक १६ ९
जलधारी १३ ८
टोटल ४२ २४
इनका कहना...
स्टाफ की कमी के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वर्तमान समय में वैक्सीनेशन तथा गणना चल रही है। ऐसे में स्टाफ की कमी खलती है।
एफएल सांवरिया, प्रभारी पशुचिकित्सालय आबूरोड।





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