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सुप्रीम कोर्ट ने Ranbaxy के पूर्व प्रोमोटर्स से कहा- जेल जाने के लिए रहें तैयार, जानें ये प्रमुख बातें

नई दिल्ली। फार्मा कंपनी रैनबैक्सी ( ranbaxy ) के पूर्व प्रोमोटर्स, मलविंदर मोहन सिंह ( Malvinder Mohan Singh ) व उनके भाई शिविंदर मोहन सिंह ( Shivinder Mohan Singh ) को आज ( 5 अप्रैल 2019) सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि वे कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करते हैं तो उन्हें जेल जाने के लिए तैयार रहना होगा। बता दें कि कोर्ट ने सिंह भाइयों को जापानी कंपनी दाइची सांक्यो ( Daiichi Sankyo ) को बकाया रकम जमा कर दें। कंपनी ने कहा, "आपने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया है। हम इसपर कार्रवाई करेंगे। हम आपको जेल भेजकर रहेंगे।" हम आपको 7 प्वाइंट में इन सब बातों को समझा रहे हैं।


1. दाइची सांक्यो की तरफ से दायर की गई याचिका की आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कंपनी ने यह याचिका सिंह ब्रदर्स से 3,500 करोड़ रुपए बकाया रकम वसूलने के लिए किया है।

2. पिछले माह, सुप्रीम कोर्ट ने दोनों भाइयों से बकाया रकम जमा करने के बारे में जानकारी मांगी थी। कोर्ट ने कहा था कि आप बताएं कि कहां से और कैसे आप इस रकम की भरपाई करेंगे।

3. दोनों भाइयों में से एक ने कोर्ट को बताया कि उसे अपनी संपत्ति बेचना है और साथ ही उसे गुरिंदर सिंह ढिल्लों ( Gurinder Singh Dhillon ) से 6,300 करोड़ रुपए भी वसूलना है। गुरिंदर सिहं ढिल्लों राधा साओमी सत्संग के प्रमुख हैं। इस जवाब के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ( Chief Justice Ranjan Gogoi ) ने कहा, "आप भले ही दुनिया की आधी संपत्ति रखते हों, लेकिन आपके पास बकाया रकम को चुकाने को कोई प्लान नहीं है। आपने कहा कि किसी से आपको 6,000 करोड़ रुपए लेने हैं, लेकिन इसके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है।"

4. दाइची ने कहा कि दोनों भाइयों का मकसद इस प्रक्रिया में देर करना है ताकि इसे दिवालिया प्रक्रिया की तरफ धकेला जा सके।

5. आगामी 11 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) इसपर अगली सुनवाई करेगा।

6. पिछले माह ही सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था, "आप देश की फार्मा इंडस्ट्री में जाना माना नाम हैं, ऐसे में यह अच्छा नहीं लगता की आप कोर्ट में पेश हों।" कोर्ट ने दोनों से कहा कि आप 28 मार्च 2019 तक अपने वित्तीय व कानूनी सलाहकारों की राय लें। हमें उम्मीद है कि यह आखिरी मौका होगा जब आपको कोर्ट में पेश होना पड़े।

7. दोनों भाइयों में से एक ने अपने एफिडेविट में कहा कि मैनें दुनिया का त्याग कर दिया है। इस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा, "दुनिया त्यागना आपके लिए अच्छा होगा, लेकिन हमारे लिए नहीं। आप ये बताएं कि इस कैसे पूरा करें। यदि आप समय लेना चाहते हैं तो लें।

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