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video : भारत के अलावा विदेशों में भी होती है देवी की आराधना, ये डाक टिकट व सिक्के हैं गवाह..

राकेश शर्मा राजदीप/उदयपुर . शक्ति स्वरूपा देवी की आराधना भारत के अलावा विदेशों में भी हो रही है। इसकी जानकारी बरसों पूर्व दूरसंचार में काम लिए जाने वाले डाक टिकटों के इतिहास से मिलती है। भारत के अलावा नेपाल और जर्मनी जैसे देशों ने भी देवी रूपों पर समय-समय पर डाक टिकट जारी किए हैं। लेकसिटी के डाक टिकट संग्रहकर्ता विनय भाणावत ने बताया कि शक्ति की प्रतीक मां दुर्गा के विविध रूपों पर टिकटों सहित हमारे देश में स्मारक सिक्कों की शृंखला तक जारी हुई है। भाणावत ने बताया कि नेपाल सरकार ने सबसे पहले नवरात्र के उपलक्ष्य में दो डाक टिकट 15 और 50 पैसे के वर्ष 1969 में जारी किए। इसके बाद वर्ष 1979 में जर्मनी ने दुर्गा पर डाक टिकट जारी किया। नेपाल सरकार ने वर्ष1984 में 10 पैसे का और 1988 में 15 पैसे का टिकट जारी किया। भारत सरकार ने पहली बार साल 1989 में राज्य संग्रहालय, लखनऊ पर 60 पैसे मूल्य का देवी डाक टिकट जारी किया। अगले ही बरस, यानी साल 1990 में फिर से नेपाल ने एक रुपए का डाक टिकट जारी किया। इसी तरह 2003 में राजकीय संग्रहालय, चैन्नई पर जारी 25 रुपए की मिनिएचर शीट, 2005 में नवरात्र महोत्सव पर पांच रुपए और 2008 में दुर्गा पूजा पर पांच रुपए का डाक टिकट भारत सरकार की ओर से जारी किए गए। स्मारक सिक्कों की शृंखला भी इसी तरह, श्रीमाता वैष्णोदेवी श्राइन बोर्ड की रजत जयंती अवसर पर वर्ष 2012 में पांच, दस और पच्चीस रुपए के स्मारक सिक्कों की शृंखला में कतिपय लोगों के विरोध के बावजूद वैष्णों देवी अंकित की गई।



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