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Video : राजस्थान के इस कॉलेज में चौकीदार के नाम पर चोरी ! भरते हैं ठेकेदार की जेब !

भुवनेश पण्ड्या/उदयपुर. चौकीदार चोर है या नहीं? राजनीतिक हलकों में चर्चाएं खूब हैं, लेकिन उदयपुर के रविन्द्रनाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज (आरएनटी) में चौकीदार के नाम पर भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है।
आमतौर पर चोरों को रोकने के लिए चौकीदार लगाया जाता है लेकिन यहां तो चौकीदार को ही चोरी का जरिया बना रखा है। असल में आरएनटी मेडिकल कॉलेज के छात्रावासों में चौकीदार व अटेंडेंट को लेकर प्रतिमाह एक लाख से अधिक राशि ठेकेदार को चुकाई जा रही है लेकिन छात्रावासों में ना कोई चौकीदार रहता है और ना ही इनमें कोई अटेडेंट मौजूद हैं। गत दिनों रेजिडेंट चिकित्सकों ने प्राचार्य से चौकीदार नहीं होने की लिखित शिकायत की। महाराणा भूपाल चिकित्सालय के अधीक्षक ने एक शिकायत के बाद संबंधित फर्म के बिलों को जांच के बाद ही स्वीकृत करने को कहा, लेकिन मेडिकल कॉलेज प्रशासन सभी शिकायतों को दरकिनार कर संबंधित फर्म पर राशि लुटा रहा है। आरएनटी मेडिकल कॉलेज में छात्रावासों की पत्रिका टीम ने बुधवार को पड़ताल की तो चौकीदार नजर नहीं आए।

लिखित शिकायत - यहां कोई चौकीदार नहीं
उदयपुर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन की ओर से कई बार प्राचार्य को वहां पर किसी सुरक्षाकर्मी या अटेंडेंट के नहीं रहने की लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। पुस्तकालय और आरएनटी मेडिकल कॉलेज शाम को बंद हो जाते हैं, बावजूद इसके इनमें भी 24 घंटे कार्मिक का होना बताया गया है।


ये है फर्म से अनुबंध
आरएनटी मेडिकल कॉलेज ने 19 जनवरी, 2018 से 31 जनवरी, 2020 तक मार्शल सिक्यूरिटी एण्ड लेबर सप्लायर्स से दो वर्ष का अनुबंध किया है। इस अनुबंध के आधार पर 1 लाख 8 हजार 315 रुपए की निविदा की गई। यानी इस सप्लायर्स को यह राशि दी जा रही है। इसमें सप्लायर्स के पीजी बायज, सीनियर बॉयज, जूनियर बॉयज, गल्र्स होस्टल, नवनिर्मित होस्टल, इन्टर्न हॉस्टल, पुस्तकालय के मुख्य द्वार, कॉलेज प्रवेश द्वार पर 24 घंटे सातों दिन तीनों पारियों में चौकीदार व अटेडेंट लगाने का काम दिया गया।


इनके अलग-अलग तर्क

जमादार करते है यहां सत्यापन
मुझे तो जमादार सत्यापित करके देते हैं। इस पर राशि जारी की जाती है। जो भी बात है वह हम प्राचार्य को बता देते हैं, अधिक जानकारी प्राचार्य ही दे पाएंगे। — डॉ . नरेन्द्र कदम, चीफ वार्डन

ना कोई चौकीदार ना ही अटेंडेंट
हमारे किसी हॉस्टल में ना तो कोई चौकीदार काम कर रहे हैं और ना ही कोई अटेंडेंट है। कई बार प्राचार्य को भी इसकी जानकारी दी है। लेकिन सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं है। — डॉ. सीपी मुद्गल, अध्यक्ष, उदयपुर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन

जमादार सत्यापित कर ही नहीं सकता
जमादार सत्यापित कर ही नहीं सकते हैं। इसे तो चीफ वार्डन सत्यापित कर रहे हैं। सत्यापन के बाद जो बिल मिलते हैं उस पर राशि जारी की जाती है। नियमित सुरक्षाकर्मी व अटेंडेंट काम कर रहे हैं। — डॉ डीपी सिंह, प्राचार्य आरएनटी

जमादार ने मांगे थे आदमीे
मेरा कोई भी सुरक्षाकर्मी कॉलेज में नहीं लगा है। मेरे दस आदमी जमादार ने मांगे थे, जो मैंने उपलब्ध करवा दिए। उन्हें अब अलग-अलग जगह लगा दिया। — नारायणलाल, संचालक, मार्शल फर्म



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