गंगापुरसिटी . उपभोक्ताओं के भार के बोझ तले दबे विद्युत निगम के शहरी कार्यालय को ग्रामीण क्षेत्र की आपूर्ति व्यवस्था देखने से अब निजात मिली है। निगम ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्र को अलग-अलग कर दिया है। ऐसे में अब शहरी कार्यालय के पास नगरपरिषद क्षेत्र के उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता निगम के सालोदा एईएन ऑफिस के अधीन आ गए हैं। इसके चलते करीब 12 हजार उपभोक्ता सालोदा निगम कार्यालय के हिस्से में आए हैं।
ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं को निर्र्बाध रूप से बिजली देने के साथ अन्य शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए निगम इस कवायद में जुटा था। शहरी कार्यालय में उपभोक्ता अधिक होने से काम का बोझ बढ़ रहा था। ऐसे में उपभोक्ताओं की शिकायतों का निपटारा होने में अक्सर देरी होती थी। अब निगम ने शहरी और ग्रामीण कार्यालय अलग-अलग कर दिए हैं। अब तक शहरी कार्यालय के पास करीब 42 हजार उपभोक्ता थे। इनमें से करीब 12 हजार उपभोक्ताओं को सालोदा एईएन कार्यालय के अधीन दिया गया है।
अब नगरपरिषद क्षेत्र में करीब 30 हजार उपभोक्ता बचेंगे। वहीं सालोदा एईएन ऑफिस अब तक 10 हजार उपभोक्ताओं को सुविधा दे रहा था। शहरी क्षेत्र से कटकर आए 12 हजार उपभोक्ताओं को सालोदा कार्यालय के अधीन किया है। अब सालोदा कार्यालय के अधीन करीब 22 हजार उपभोक्ता रहेंगे। शहरी कार्यालय से उपभोक्ता कम होने से शहरवासियों की समस्या का जल्द निस्तारण हो सकेगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता भी अलग कार्यालय होने से सुकून पा सकेेंगे।
यह गांव आए सालोदा के अधीन
शहरी कार्यालय से हटाकर महूकलां, दूध डेयरी, जाट बड़ौदा, मानपुर बड़ौदा, गंगाजी की कोठी, चूली, छाबा, चकछाबा, हिंगोटिया, जलोगरा, खूंटला सलौदा, बाढ़ कलां, दौलतपुरा, बड़ी उदेई, अलीगंज, अहमदपुर, आस्ट्रोली, गांवड़ी कलां, छोटी उदेई, डिबस्या, खिदरपुर कमालपुर, रामसिंहपुरा एवं महानंदपुर ड्योड़ा सहित अन्य गांवों को ग्रामीण कार्यालय (सालोदा एईएन ऑफिस) के अधीन जोड़ा गया है।
इनका कहना है
शहरी कार्यालय के अधीन अब नगरपरिषद क्षेत्र के उपभोक्ता रहेंगे। शेष उपभोक्ताओं को ग्रामीण सालोदा एईएन कार्यालय से जोड़ दिया गया है। इससे उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी। साथ ही शहर कार्यालय पर बढ़ रहा काम का बोझ कम होगा।
- महेश सैनी, एईएन विद्युत निगम गंगापुरसिटी





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