सुबह दुर्ग पर आने वाले पर्यटक लौटते निराश
चित्तौडग़ढ़. प्रचण्ड गर्मी के मौसम में जब स्कूलों से लेकर न्यायालय तक सबका समय बदल गया है उस समय नहीं बदला है तो चित्तौड़ दुर्ग के गौरवमय इतिहास की झलक पेश करने वाले फतहप्रकाश राजकीय संग्रहालय का समय। यहां अब भी प्रवेश दोपहर 12 बजे से उस समय शुरू होता है जब तापमान का पारा 40 डिग्री या उससे उपर पहुंचने लगता है और दुर्ग पर घूमने आने वाले पसीने से लथपथ होने की स्थिति में होते है। राज्य के पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीन आने वाले चित्तौडग़ढ़ सहित कुछ संग्रहालयों का समय दोपहर 12 से रात 8 बजे तक का है जबकि विभाग ने ही दोहरे मापदण्ड अपनाते हुए जयपुर सहित कुछ जगह संग्रहालयों का समय सुबह 10 बजे से कर रखा है। प्रचण्ड गर्मी के मौसम में भी दोपहर 12 बजे तक संग्रहालय नहीं खुलने से यूनेस्को की विश्व धरोहर चित्तौड़ दुर्ग देखने के लिए प्रचण्ड गर्मी के मौसम में सुबह 8-9 बजे ही दुर्ग पर पहुंच जाने वाले पर्यटक बिना संग्रहालय देखे ही लौटने को मजबूर है या फिर प्रचण्ड गर्मी में पसीना बहाते हुए संग्रहालय खुलने का इंतजार करते है। तेज गर्मी के चलते दुर्ग पर इन दिनों पर्यटकों की आवक कम हो गई। संग्रहालय में दिसम्बर-जनवरी में औसतन प्रतिदिन 500-600 पर्यटक आ रहे थे जिनकी संख्या अब घटकर औसतन प्रतिदिन करीब २०० रह गई है। दुर्ग पर इन दिनों तेज गर्मी के चलते अधिकतर पर्यटक सुबह 7 से 10 बजे के मध्य आ रहे है। ऐसे पर्यटक दुर्ग देख दो-तीन घंटे में लौट जाते है। ऐसे में 12 बजे तक संग्रहालय बंद रहने से राजस्व का नुकसान भी हो रहा है।
इधर, फतहप्रकाश राजकीय संग्रहालय के अधीक्षक हिमांशु सिंह का कहना था कि संग्रहालय खुलने का समय विभागीय स्तर पर ही तय होता है। विभाग जो समय तय करता है उसकी अनुपालना ही यहां की जाती है। समय में आगे से बदलाव होगा तो यहां भी किया जाएगा।
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दुर्ग के सभी स्मारक खुल जाते सुबह ७ बजे
दुर्ग पर भारतीय पुरातत्व सर्र्वेक्षण विभाग के अधीन आने वाले विजय स्तम्भ, पद्मनी महल, कुंभा महल जैसे स्मारक इन दिनों सुबह 7 से शाम 6 बजे तक खुल रहे है। कालिका माता मंदिर, सातबीस देवरी जैसे स्थानों पर भी सुबह से प्रवेश शुरू हो जाता है। ऐसे में दुर्ग पर फतहप्रकाश संग्रहालय को छोड़ शेष सभी महत्वपूर्ण स्मारक सुबह से देखे जा सकते है। तेज गर्मी से बचाव के लिए अधिकतर पर्यटक अभी सुबह के समय को ही प्राथमिकता दे रहे है।
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नवीनीकरण कार्य के बाद बढ़ा आकर्षण
फतहप्रकाश राजकीय संग्रहालय मरम्मत व नवीनीकरण कार्य के चलते करीब एक वर्ष से अधिक समय तक बंद रहने के बाद गत वर्ष सितम्बर में लोगों के लिए खोला गया था। बंद रहने के दौरान यहां करीब पांच करोड़ की लागत से कार्य हुआ। नवीनीकरण के बाद संग्रहालय में नई हथियार गैलेरी, पन्नाधाय गैलेरी आदि स्थापित होने से इसका आकर्षण पहले से अधिक बढ़ गया है।





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