चूरू.
जिला कारागृह में कभी भी कोई बड़ी घटना व गैंगवार हो सकती है। चूंकि इन दिनों जेल में क्षमता से काफी अधिक कैदी बंद हैं। प्रत्येक बैरक में आठ से 10 कैदियों को रखा जा रहा है। हत्या, लूट, डकैती सहित कई अपराधों में वांछित शातिर हार्डकोर अपराधी भी बंद हैं। ऐसे में जेल प्रशासन को जेल में कैदियों की सुरक्षा व स्थिति को सामान्य बनाए रखने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। ज्ञातव्य हो कि जिला जेल में 163 कैदियों के रखने की सुविधा है लेकिन इस समय 2३५ कैदी बंद हैं। यानी 72 कैदी अतिरिक्त हैं। यहां से कुछ कैदियों को शिफ्ट करने के लिए डीआईजी जेल को पत्र लिखा जा चुका है लेकिन कोई सुनवाई नहीं की जा रही। उच्च अधिकारियों की यह अनदेखी कभी भी जेल प्रशासन पर भारी पड़ सकती है।
रतनगढ़ जेल से करीब 100 कैदी आए
बताया जा रहा है कि रतनगढ़ जेल में जुलाई 2018 में पानी भर गया था इसके बाद उसी दिन करीब 100 कैदियों को चूरू जिला जेल में शिफ्ट कर दिया गया। उक्त कैदियों के आने से यहां अचानक बोझ बढ़ गया। अब इन कैदियों की देखरेख करना जेल प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। शर्दियों में इतनी दिक्कत नहीं हुई लेकिन अब गर्मियों में काफी परेशानी हो रही है।
जिला जेल में नौ हार्डकोर अपराधी
चूरू जेल में नौ शतिर हार्डकोर अपराधी बंद हैं जिन पर हत्या, लूट, डकैती सहित कई मामले विचाराधीन हैं। उक्त कैदियों से सामान्य कैदियों को अलग-रखना पड़ता है। चूंकि जेलों में भी बड़े अपराधी अपना बर्चस्व बनाने के लिए छोटे अपराधियों पर धौंस जमाने के लिए मारपीट तक कर लेते हैं। लेकिन जेल प्रशासन की गंभीरता के कारण जेल में अभी तक कोई बड़ी घटना नहीं हो पायी है। लेकिन ओवरलोड कैदियों को संभालने में जेल प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं।
जिले में कुल तीन जेल
जिले में जिला कारागृह के अलावा दो अन्य उप जिला कारागृह हैं। रतनगढ़ व सादुलपुर में उप जिला कारागृह बने हैं। रतनगढ़ में 30 कैदियों की क्षमता है वहीं सादुलपुर में 60 कैदियों की क्षमता है। रतनगढ़ जेल में रतनगढ़, सुजानगढ़ व बीदासर तथा सादुलपुर जेल में तारानगर व राजगढ़ के अपराधी रखे जाते हैं। वहीं चूरू जिला जेल में चूरू व सरदारशहर के अपराधी कैद किए जाते हैं।
जमीन आवंटित, नहीं मिला बजट
जानकारी के मुताबिक रतनगढ़ में नए जेल भवन के निर्माण के लिए रिको क्षेत्र में १६ बीघा जमीन कुछ साल पहले आवंटित कर दी गई। लेकिन आज तक भवन निर्माण के लिए बजट आवंटित नहीं किया गया। इसके कारण जेल निर्माण का कार्य अधरझूल में पड़ा है।
तीनों जेलों की स्थिति
जेल --------क्षमता ---बंद कैदी
चूरू --------163 ------2३५
सादुलपुर ---60--------62
रतनगढ़ ---30 -------00
(रतनगढ़ जेल खामियों के कारण बंद है)
''करीब 10 माह से जेल में क्षमता से काफी अधिक कैदी हैं। इसके कारण व्यवस्था बनाए रखने में काफी परेशानी हो रही है। खान-पान उपलब्ध कराने से अधिक चुनौती है उनकी आपस में लड़ाई व झगड़ों को रोकना। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है। डीआईजी जेल रेंज जोधपुर को पत्र लिखकर 60 कैदियों को अन्य जेलों में भेजने की मांग की है लेकिन अभी तक स्थानांतरण के संबंध में कोई आदेश नहीं मिले हैं। ''
रघुवीर सिंह, जेल उपाधीक्षक, चूरू





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