नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करने साथ ही भारतीय जनता पार्टी अपन अगले कार्यकाल के लिए भी कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत मोदी सरकार ने मौजूद लोकसभा को भंग करने के लिए राष्ट्रपति के नाम पत्र लिखा है। राष्ट्रपति रामानाथ कोविंद ने लोकसभा भंग करने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। केंद्रीय मंत्री मंडल की सलाह पर राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर किए हैं। इसी के साथ देश की 16वीं लोकसभा भंग हो गई है।
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत केंद्रीय मंत्रीपरिषद के सदस्यों ने शुक्रवार को ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अपना सामूहिक इस्तीफा सौंपा था। इसके साथ ही उन्होंने सलाह दी थी कि वे देश की मौजूद लोकसभा को भंग करने का आदेश दें और नरेंद्र मोदी की अगुवाई में अगली सरकार बनाने के लिए उन्हें आमंत्रित करें। राष्ट्रपति ने मंत्रीपरिषद के इस्तीफे को स्वीकार करते हुए लोकसभा भंग करने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए। इस दौरान महामहिम ने नरेंद्र मोदी और मंत्रिपरिषद से आग्रह किया था कि वे अपने पद पर बने रहें। आपको बताते चलें कि देश की 16वीं लोकसभा का कार्यकाल 3 जून तक है।
चुनाव आयुक्त ने सौंपी सूची
एक तरफ जहां पीएम मोदी और मंत्रिपरिषद ने राष्ट्रपति को इस्तीफा सौंपा वहीं शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने भी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। इस मुलाकात में चुनाव आयुक्त ने 2019 लोकसभा चुनाव में जीतने वाले उम्मीदवारों की सूची सौंपी। चुनाव आयुक्त के राष्ट्रपति को नवनिर्वाचित सदस्यों की सूची सौंपे जाने के बाद अब 17वीं लोकसभा का गठन 3 जून से पहले किया जाना है।
नए सदन की प्रक्रिया भी आने वाले दिनों में तेज हो जाएगी। आपको बता दें कि 30 मई को शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया है। ऐसे में शाम 4 से 5 बजे के बीच समारोह में नई सरकार के मंत्री भी शपथ लेंगे।





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