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कस्टडी से भागे कुख्यात शिकारी मोडिया को 19 दिन बाद तूफानी बारिश में दबोचा

मुख्य वन संरक्षक प्रियरंजन व उप वन संरक्षक शारदाप्रताप सिंह ने वन विभाग की कस्टडी से आरोपी के भाग जाने के मामले को गंभीरता से लिया तथा पिछले कई दिनों से मामले में नियमित मॉनीटरिंग की जा रही थी। बुधवार को मोडिया के गांव आने की मिली आसूचना के बाद सहायक वन संरक्षक फलोदी नरेन्द्र सिंह शेखावत के नैतृत्व में वन मण्डल क्षेत्रीय वन अधिकारी गणपत सिंह अखतावत, बाप रैंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी अशोकाराम पंवार, राजूराम विश्नोई, विकास विश्नोई, रीमा विश्नोई, मोहनलाल बन्ता, शेरखां, कासम खान, फलोदी रेंज के सहायक वनपाल सुभागाराम विश्नोई, पूनाराम, जमाल खान, भाई खान, फखरूदीन, ओसियां रेंज के राजूराम व सुखसिंह की टीम गठित की गई तथा चाखू पुलिस ने जाप्ता उपलब्ध करवाया। टीम ने देर रात तूफानी बारिश के बीच मियांकोर स्थित ढाणी में दबिश देकर मोडिया उर्फ मोडाराम बावरी को गिरफ्तार कर लिया। मोडाराम को आज अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे दो दिन के रिमाण्ड पर भेज दिया गया। रिमाण्ड के दौरान वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामदगी व वारदात के तरीकों को लेकर गहन पूछताछ की जाएगी।
मोडिया भागा तो, दो कर्मचारी हुए थे निलंबित-
मोडाराम मियांकोर शिकार मामले में वन विभाग ने पकड़ा था तथा २७-२८ अप्रेल की रात आरोपी बाप रेंज की कस्टडी में था। साथ ही ऊदट शिकार प्रकरण का मुख्य आरोपी भी है तथा आरोपी की निशानदेही पर ढाणी से ट्रैक्टर व हिरण के अवशेष बरामद किए गए थे। इस दौरान रात में शौच के लिए जाते समय वहां वनकर्मियों पर हमला करके भाग वहां से फरार हो गया था। इस मामले में दो वनकर्मियों को लापरवाही बरतने पर निलम्बित किया गया था तथा इस मामले की विभागीय जांच उप वन सरंक्षक, जोधपुर द्वारा की जा रही है। इस मामले में वन विभाग द्वारा बाप पुलिस थाने में सरकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट, राजकार्य में बाधा व कस्टडी से फरार होने का मामला दर्ज करवाया गया था।
कई थानों में दर्ज है मामले-
मोडिया बीकानेर, जोधपुर व नागौर जिलों के थानों व वन विभाग के प्रकरणों में वांछित है। बताया गया कि आरोपी के खिलाफ कोलायत थाने में आम्र्स एक्ट, एनडीपीएस व आबकारी अधिनियम के पांच मामले, बाप थाने में राजकार्य बाधा व सरकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट का मामला दर्ज है। साथ ही वन विभाग की बाप रेंज में शिकार के दो मामले, कोलायत में एक प्रकरण दर्ज है।
इस तरह छिपता है मोडिया-
वन विभाग द्वारा बताया गया कि मोडाराम की मियांकोर में ढाणी है तथा जहां से जोधपुर व बीकानेर जिले की सीमा करीब १५० मीटर की दूरी पर है। अपराध के बाद मोडिया कभी बीकानेर व कभी जोधपुर जिले कीसीमाओं के निकट धोरों में छिपा रहता है।



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