अलवर. अलवर जिले में अब दो पुलिस अधीक्षक होंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसकी घोषणा की। अशोक गहलोत ने थानागाजी गैंग रेप पीडि़ता से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिला बेहद संवेदनशील है। यहां अपराध अधिक है। उन्होंने का कि पूरा विश्लेषण करवा दिया गया है। अलवर जिले में सालभर में 18 हजार आपराधिक मामले दर्ज होते हैं, वहीं पूरे राजस्थान का औसत 10 हजार है। ऐसे में अलवर में अपराध अधिक होने के कारण यहां एसपी लेवल के दो पुलिस अधिकारी लगाए जाएंगे। इसकी लंबे समय से मांग की जा रही है। इसे माना गया है।
जिले में लंबे समय से थी दो एसपी की मांग
अलवर जिले में अधिक अपराध होने के कारण जिले में लंबे समय से दो पुलिस अधीक्षक लगाने की मांग थी। अलवर जिला काफी बड़ा है। यहां मेवात, मीणावाटी, राठ क्षेत्र और हरियाणा की सीमा से लगता हुआ भिवाड़ी है। ये सभी दूरी पर भी है। ऐसे में भिवाड़ी में एक पुलिस अधीक्षक लगाने की मांग लंबे समय से थी। इसकी वजह हरियाणा से होने वाली गोतस्करी, लूट-पाट आदि की घटनाएं हैं।
अपराध के कारण अलवर राष्ट्रीय सुर्खियों में रहा
पिछले कुछ सालों से अलवर जिला अपराध के कारण राष्ट्रीय सुर्खियों में रहा। यहां पहलू खां मॉब लिंचिंग, रकबर मॉब लिंचिंग, गोतस्करी, फलाहारी गैंग रेप, थानागाजी गैंग रेप जैसे कई बड़े मामले सामने आए, जिससे लगा कि यहां दो पुलिस अधीक्षक लगाने की जरूरत है।





No comments:
Post a Comment