नई दिल्ली : इंडियन प्रीमियर लीग का सीजन 12 समाप्त हो गया। इसके साथ विश्व कप में टीम इंडिया का प्रदर्शन कैसा होगा, इसका संकेत भी दे गया। 30 मई से इंग्लैंड एंड वेल्स में शुरू हो रहे आईसीसी एकदिवसीय विश्व कप में टीम इंडिया को प्रबल दावेदार बताया जा रहा है। इस बात की पुष्टि आईपीएल में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन भी करता है। लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे रहे, जो आईपीएल से पहले तो फॉर्म में दिखे थे, लेकिन इस आईपीएल में पूरी तरह ऑफ कलर दिखें। इन खिलाड़ियों का आईपीएल का दयनीय प्रदर्शन विश्व कप में भी भारत को भारी पड़ सकता है। आइए नजर दौड़ाते हैं विश्व कप में चुने गए खिलाड़ियों का आईपीएल में प्रदर्शन कैसा रहा।
तीनों ओपनर रहे सफल
भारत के दोनों ओपनर रोहित शर्मा (15 मैचों में 405 रन) और शिखर धवन (16 मैचों में 521 रन) के साथ रिजर्व ओपनर के रूप में विश्व कप की टीम में चुने गए केएल राहुल (14 मैचों में 593 रन) पूरी तरह से फॉर्म में नजर आए। लेकिन इस दौरान यह भी नजर आया कि रोहित शर्मा अच्छी शुरुआत को बड़ी पारियों में तब्दील नहीं कर पाए। वह 15 पारियों में सिर्फ दो बार अर्धशतक लगा पाए। वहीं केएल राहुल और शिखर धवन पूरे टूर्नामेंट में लय में दिखाई दिए। राहुल ने 14 पारियों में एक शतक और छह अर्धशतक लगाए तो शिखर धवन ने भी पांच फिफ्टी मारी।
मध्यक्रम में विराट, धोनी और पांड्या का दिखा दम
बतौर बल्लेबाज कप्तान विराट कोहली (14 मैचों में 464) और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (15 मैचों में 416) और हार्दिक पांड्या ने (16 मैचों में 402) दम दिखाया। इस दौरान विराट कोहली ने एक शतक और दो अर्धशतक लगाए, लेकिन कप्तानी के मोर्चे पर आईपीएल में पूरी तरह जूझते नजर आए। विश्व कप में कमान विराट कोहली के पास है, इसलिए यह चिंता की बात हो सकती है। अगर धोनी और पांड्या की बात की जाए तो ये दोनों अपनी-अपनी टीम के लिए निम्न मध्यक्रम पर उतरे। इन्हें खेलने के लिए ज्यादा गेंदे नहीं मिली। इसके बावजूद इन दोनों ने 400 से ज्यादा का रन बनाकर यह साबित किया कि विश्व कप में ये दोनों भारतीय मध्यक्रम की जान साबित हो सकते हैं।
कार्तिक, शंकर और केदार ने किया निराश
विश्व कप में चुने गए दो नामों पर काफी विवाद हुआ था। ये दो नाम थे दिनेश कार्तिक (14 मैचों की 13 पारियों में 253 रन) और विजय शंकर (15 मैचों की 14 पारियों में 416 रन)। इन दोनों को क्रमश: ऋषभ पंत और अंबाती रायडू पर तरजीह दी गई थी। अगर आईपीएल का प्रदर्शन देखें तो इस टूर्नामेंट में भी इन दोनों ने निराश किया है। इसके अलावा केदार जाधव (14 मैचों की 12 पारियों में 162 रन) भी बतौर बल्लेबाज इस टूर्नामेंट में फ्लॉप रहे हैं। इन तीनों बल्लेबाजों के फ्लॉप रहने से यह संभावना बन रही है कि विश्व कप में चौथे नंबर पर केएल राहुल पर टीम इंडिया दांव आजमा सकती है। हां, विजय शंकर और केदार जाधव में से दोनों खिलाड़ी ऑफ कलर रहे तो टीम इंडिया को परेशानी हो सकती है।
गेंदबाजी में सिर्फ कुलदीप ने किया निराश
आईपीएल में भारत के चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव का फॉर्म बेहद खराब रहा। उन्होंने नौ मैचों में 71.50 की बेहद खराब औसत से केवल चार विकेट लिए। लेकिन बाकी के गेंदबाजों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार गेंदबाजी की। कुलदीप के साथी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने पूरे टूर्नामेंट में काफी अच्छी गेंदबाजी की। उन्होंने 14 मैचों में 18 विकेट लिए। इसके अलावा विश्व कप टीम में तीसरे स्पिनर के तौर पर शामिल रविंद्र जडेजा ने भी विकेट लेने की अपनी क्षमता दिखाई। उनहोंने 16 मैचों में 15 विकेट लिए। इनके अलावा तीनों भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह ने इस पूरे टूर्नामेंट में निरंतरता के साथ गेंदबाजी की। मोहम्मद शमी ने 14 मैचों में 19 विकेट लिए तो वहीं दिखाया कि वे विश्व कप में भी गेंदबाजी के अगुआ रहेंगे। बुमराह ने 16 मैचों में 19 विकेट निकाले। इन दोनों के अलावा भुवनेश्वर कुमार ने 15 मैचों में 13 विकेट लिए और हार्दिक पांड्या ने बल्लेबाजी की तरह गेंदबाजी में भी हाथ दिखाते हुए 14 विकेट बटोरे।
इन सबमें अगर हार्दिक पांड्या का प्रदर्शन देखें तो उन्होंने न सिर्फ बल्लेबाजी में, बल्कि गेंदबाजी में भी जबरदस्त हाथ दिखाए। इसे अगर कसौटी माना जाए तो विश्व कप में वह एक्स फैक्टर लेकर आ सकते हैं।





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