नई दिल्ली : क्रिकेट सलाहकार समिति और मुंबई इंडियंस के आइकॉन होने की दोहरी भूमिका के कारण सचिन तेंदुलकर पर हितों के टकराव के आरोप लगे थे। इस मामले पर बीसीसीआई लोकपाल डीके जैन ने मंगलवार को सुनवाई की। आज यह मामला किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सका। इसकी अगली सुनवाई 20 मई को होगी। इसकी जानकारी सचिन तेंदुलकर के अधिवक्ता अमित सिब्बल ने दी। उन्होंने बताया कि अगली सुनवाई में सचिन तेंदुलकर की मौजूदगी आवश्यक नहीं है।
conflict of interest case against Sachin Tendulkar: Tendulkar's counsel Amit Sibal says that today's hearing was inconclusive; next hearing on 20th of May. Sachin Tendulkar's appearance in the next hearing is not necessary. (File pic) pic.twitter.com/fD0M9MEQzp
— ANI (@ANI) May 14, 2019
यह है पूरा मामला
मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ (एमपीसीए) के सदस्य संजीव गुप्ता ने शिकायत की थी कि सनराइजर्स हैदराबाद के मेंटर वीवीएस लक्ष्मण और मुंबई इंडियंस से जुड़े सचिन तेंदुलकर बीसीसीआई के क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) के सदस्य भी हैं। इस वजह से यह हितों के टकराव का मामला बनता है। इसके जवाब में बीसीसीआई ने संजीव गुप्ता को पत्र लिखकर बताया था कि यह समाधान योग्य हितों का टकराव है। इसी मामले की सुनवाई लोकपाल कर रहे हैं। सचिन और लक्ष्मण के अलावा सौरभ गांगुली पर भी हितों के टकराव का आरोप लगा है।
सचिन दे चुके है जवाब
सचिन तेंदुलकर पहले ही पत्र लिखकर इस आरोप की सफाई बीसीसीआई लोकपाल डीके जैन को 13 बिंदुओं में पहले ही भेज चुके हैं। उन्होंने हितों के टकराव के का खंडन करते हुए कहा था कि वह मुंबई इंडियंस से किसी तरह का आर्थिक सहायता नहीं लेते हैं। वह उसके आइकॉन हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया था कि सीएसी में बतौर सदस्य नामित किए जाने के पहले से वह मुंबई इंडियंस टीम से जुड़े हुए हैं और वह बीसीसीआई से सीएसी के सदस्य की भूमिका के बारे में पहले भी पूछ चुके हैं, लेकिन बीसीसीआई ने उन्हें कोई जवाब नहीं दिया।





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