सीकर. किताबों को अपना दोस्त समझने वाला कूदन गांव के 25 वर्षीय युवक को फेसबुक कंपनी के जरिए 2.55 करोड़ का पैकेज मिला है। लाड़ले की उपलब्धि पर गांव में जश्न का माहौल है। युवक के माता-पिता भी फू ले नहीं समा रहे हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कोनसीन मेडिसन अमेरिका से मास्टर ऑफ कम्प्यूटर सांइस की पढ़ाई करने वाले युवक अंकित महरिया को फेसबुक कंपनी ने अपने वाट्सएप ग्रुप में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनाया हैं।
ज्वाइनिंग से पहले 52 लाख का बोनस
अंकित ने पढ़ाई के साथ ही फेसबुक कंपनी में इंटर्नशिप शुरू कर दी थी। इंटर्नशिप पूरी होने के तुरंत बाद ही डिग्री मिलने से पहले ही कंपनी ने नौकरी के लिए ऑफर कर दिया। सॉफ्टवेयर इंजीनियर पद के लिए कंपनी को हां करते ही अंकित को 52 लाख 83 हजार 412 रुपए एडवांस बोनस मिल गया। साथ ही एक करोड़ पांच लाख 70 हजार 575 रूपए के शेयर मिले। और अब सालाना 97 लाख 21 हजार 779 का वेतन मिल रहा हैं।
किताबों से दोस्ती काम से प्यार
अंकित ने मैथेमेटिक्स से एमएससी और कम्प्यूटर में बीई ऑनर्स की पढ़ाई बिट्स पिलानी से की। बिट्स पिलानी में पढ़ाई करने के बाद एक साल गुडग़ांव एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम किया। उसके बाद अंकित घर आ गया। तीन महीने तक लगन के साथ जीआरई और टोफेल टेस्ट की तैयारी की। दोनों टेस्टों में पास होने के बाद एमएस के लिए चयन हो गया। सात से आठ महीने वीजा और दस्तावेज तैयार करने में समय लगा। उस दौरान भी अंकित घर पर नहीं बैठा, उसने आठ महीने मुंबई में हाउसिंग डॉट कॉम कंपनी में काम किया। उसके बाद अगस्त 2017 में यूएस चला गया। दो साल का कोर्स अंकित ने डेढ़ साल में ही पूरा कर लिया। फरवरी में कंपनी ज्वाइंन कर ली। अब दो साल पूरे होने के बाद अंकित ने 11 मई को डिग्री हासिल कर ली।
परिवार से स्नेह दादा से मिली सीख
अंकित के पिता डॉ. अशोक महरिया सीकर में अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के पद कार्यरत है और माता मीना महरिया गृहिणी है। दादा रामेश्वर लाल महरिया धोद के पूर्व प्रधान रह चुके है। दादा से कभी नहीं थकने की सीख लेकर अंकित ने हर कठिनाई का सामने हंसते हुए किया। उन्होंने परिवार के स्नेह के साथ पढ़ाई को कभी बोझ नहीं समझा तथा हमेशा आगे बढ़ता रहा। अंकित की बहन अंजलि महरिया जमशेदपुर से एक्सएलआरआई से एमबीए कर रही है।





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