सीकर/झुंझुनूं.
माध्यमिक शिक्षा निदेशक बीकानेर ( Secondary Education Director Bikaner ) की ओर से बच्चों के शैक्षिक विकास के लिए खुद के खर्चे पर निजी स्कूलों Private Schools में स्कूली शिक्षा दिलाने के लिए गाइडलाइन जारी की हैं। जिसके तहत निजी स्कूलों में पांचवीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों Students को परीक्षा के माध्यम से छठीं में प्रवेश दिया जाएगा और इन पर होने वाला खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। शिक्षा अधिकारियों की मानें तो अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति तथा अति पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के शैक्षिक विकास के लिए तीन अलग-अलग विशेष पूर्व मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं को लागू किया गया है। जिसमें एससी-एसटी के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विभागीय योजना, अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं के लिए जनजाति क्षेत्रिय विकास योजना तथा अति पिछड़ा वर्ग के बच्चों को विशेष समूह योजना (देवनारायण गुरुकुल योजना) लागू की गई है। जिसके तहत निजी स्कूलों में इन बच्चों के प्रवेश के लिए सीटें निर्धारित की हैं।
यूं की गई हैं सीटें निर्धारित:
निजी स्कूलों में कक्षा छह में प्रवेश के लिए शिक्षा विभागीय योजना के तहत एससी-एसटी के बच्चों के लिए पूरे प्रदेश में पांच सौ सीटें निर्धारित की गई हैं। जिसमें तीन सौ छात्र और दो सौ छात्राओं के लिए हैं। इसी प्रकार जनजाति क्षेत्रिय विकास विभाग योजना के तहत तीन सौ सीटें जनजाति क्षेत्र के लिए तथा दो सौ अन्य के लिए निर्धारित की गई हैं। इसके अलावा देवनारायण गुरुकुल योजना में अति पिछड़ा वर्ग के लिए तीन सौ सीटें छात्र तथा दो सौ सीटें छात्राओं के लिए हैं, ये सभी सीटें आवासीय प्रवेश के लिए हैं औ प्रदेश के 54 विद्यालयों में बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा।
25 मई तक लेंगे आवेदन, नौ जून को परीक्षा:
तीनों योजनाओं के तहत निजी स्कूलों में स्कूली शिक्षा के लिए आवासीय प्रवेश के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 25 मई शाम छह बजे तक रखी गई है। आवेदन जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जमा कराने होंगे। आवेदन 54 विद्यालयों में से तीन इच्छित विद्यालयों के लिए कर सकते हैं। परीक्षा नौ जून को होगी और परिणाम 27 जून को घोषित किया जाएगा। दो घंटे के प्रश्न पत्र में सौ प्रश्न हल करने होंगे।





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