बुरहानपुर. बोर्ड परीक्षा में हायर सेकेंडरी और हाई स्कूल का परीक्षा परिणाम बिगडऩे के बाद शिक्षा विभाग ने अब स्कूलों के प्राचार्याे पर कार्रवाई शुरू कर दी हैं। 30 प्रतिशत से कम रिजल्ट देने वाले शासकीय स्कूलों के प्राचार्याे को कारण बताओ नोटिस देने के साथ ही वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई भी की जा रही हैं।
माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा में पिछले साल की तुलना में कक्षा 10वीं का परिणाम 14.4 प्रतिशत और कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 6.87 प्रतिशत गिरा हैं। एडीपीसी सैयद अतिक अली ने बताया कि शिक्षा सत्र 2018-19 में जिले की 86 हाई स्कूल और 47 हायर सेकेंडरी शासकीय स्कूलों के विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए थें। बोर्ड का परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद शासकीय स्कूलो के रिजल्ट की समीक्षा की जा रही हैं। जिसमें 30 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम वाली शासकीय स्कूलों के प्राचार्यों को नोटिस जारी कर कारण पूछा जा रहा है। शासकीय स्कूलों का रिजल्ट 30 प्रतिशत से कम होने पर वहां से प्राचार्यों की वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई होगी। सभी प्राचार्यों को नोटिस मिलने के बाद समय सीमा में इसका जवाब जिला शिक्षा अधिकारी के पास देना होगा। जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर ऐसे प्राचार्यों पर कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग द्वारा तैयारी की जा रही हैं।
इन स्कूलों का बिगड़ा रिजल्ट
बुरहानपुर विकासखंड की शासकीय हाई स्कूल मोहद का परीक्षा परिणाम 7.5 प्रतिशत रहा। यहां पर मात्र तीन विद्यार्थी पास हुए जबकि 30 फेल और 7 विद्यार्थियों को पूरक आई। शासकीय उर्दू हाई सेकंडरी शाहपुर का परिणाम 14.29 प्रतिशत रहा यहां दो विद्यार्थी ही पास हुए जबकि 10 फेल और दो पूरक, शासकीय हाई स्कूल शनवारा में 20 प्रतिशत रिजल्ट रहा यहां पर तीन विद्यार्थी पास 9 फेल और तीन पूरक आई हंै। वहीं हाईस्कूल खामनी का रिजल्ट 20.59 प्रतिशत, हाई स्कूल अम्बा का रिजल्ट 25.47 प्रतिशत रहा। खकनार विकासखंड की हाईस्कूल चांदनी में 29.41, हाई स्कूल नावथ खकनार में 16.22, हाई स्कूल अमुल्लाखुर्द में 14.4 प्रतिशत रिजल्ट रहा।
बेस्ट ऑफ फाइव योजना का सहारा
शिक्षा मंडल द्वारा हाइस्कूल की परीक्षा में रिजल्ट का प्रतिशत बढ़ाने के लिए 2018 में बेस्ट ऑफ फाइव योजना शुरू की थी। यह योजना भी विद्यार्थियों का रिजल्ट सुधार नहीं पा रही हैं। विद्यार्थी मूल विषयों गणित व अंग्रेजी में पिछड़ रहे हैं। दो सालों में आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक गणित व अंग्रेजी विषय में विद्यार्थी फेल हुए हैं। बेस्ट ऑफ फाइव योजना का लाभ विद्यार्थियों का नहीं मिलता हैं हाइस्कूल का परिक्षा परिणाम बहुत खराब हो सकता था।
जिले में 30 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम वाली शासकीय शालाओं के प्राचार्याे को नोटिस जारी किया गया। प्राचार्याे की वेतनवृद्धि रोकने तक की कार्रवाई की जा रही हैं।
सैयद अतिक अली, एडीपीसी बुरहानपुर





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