चूरू. वन विभाग की ओर से शनिवार सुबह शुरू की गई वन्य जीव गणना रविवार सुबह संपन्न हो गई। गणना में इस बार ताल छापर कृष्ण मृग अभयारण्य में हरिणों की संख्या बढ़ी हुई बताई जा रही है। पिछली बार अभयारण्य में काले हरिण की संख्या 2986 थी जो इस बार बढ़कर 3200 के आस-पास हो गई है। इसके साथ ही चिंकारा व अन्य जीवों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। अभयारण्य प्रभारी एसीएफ दिलीपसिंह ने बताया कि गणना का कार्य पूरा कर लिया गया है। अभयारण्य में 18 कर्मचारी लगाए गए थे। इस बार हरिणों की संख्या में इजाफा हुआ है। आंकड़े एकजाई कर जिला उनवन संरक्षक को दे दिए जाएंगे। इसके बाद ही गणना की रिपोर्ट फाइनल होगी।
अभयारण्य में मिले सात भेडिय़ा
वहीं इस बार गणना में अभयारण्य में एक भेडिय़ा का इजाफा हुआ है। पिछली बार छह भेडि़ए मिले थे जबकि इस बार सात भेडि़ए मिले हैं। शिकार की प्रचूरता के कारण इनकी संख्या बढ़ रही है।
यह जीवजंतु सामने आए
गणना के दौरान काले हरिण व चिंकारा के अलावा नील गाय, जंगली बिल्ली, रेगिस्तानी बिल्ली, रेगिस्तानी लोमड़ी, भारतीय लोमड़ी, बड्र्स ऑफ प्रे, मोर, सांडा, खरगोश, सेही, जंगली सुअर, गीदड़़, भेडिय़ा, तीतर, कुरजा मिली है। जिला वन संरक्षक बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि गणना का कार्य संपन्न हो गया है। एक-दो दिन में रिपोर्ट तैयार कर विभाग को सौंप दी जाएगी।
बीमार कुरजां नहीं लौट सकी वतन
वहीं छापर अभयारण्य में एक बीमार कुरजां भी मिली है। जिसकी सेहत खराब बताई जा रही है। अन्य कुरजां 15 मार्च तक ही यहां से अपने देश वापस चली जाती हैं। एसीएफ सिंह ने बताया कि इसकी देखरेख के लिए कर्मचारी लगाए गए हैं।





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