कोटा. पूरा प्रदेश भीषण गर्मी की चपेट में है। 25 मई से नौतपा शुरू हो रहा है। इस दिन शनिवार शाम 8:26 बजे सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेगा। मान्यता है कि इन दिनों आम गर्मी के दिनों से ज्यादा गर्मी पड़ती है। रोहिणी नक्षत्र में सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी कम हो जाती है। इस वजह से पृथ्वी पर सूर्य की किरणों की तपिश अधिक तेज हो जाती है। यह नौतपे 8 जून तक चलेंगा।
ज्योतिषाचार्य अमित जैन का कहना है कि नौतपा की शुरुआत उस समय होती है जब सूर्य वृष राशि मे 9 डिग्री पर हो इस बार ये स्थिति 25 मई को बन रही है। जिस समय में सूर्य रोहिणी नक्षत्र में आते हैं, उस समय चंद्रमा नौ नक्षत्रों में भ्रमण करते हैं। यही कारण है कि इसे नौतपा कहा जाता है। रोहिणी के दौरान अगर बारिश होती है, तो इसे रोहिणी का गलना कहा जाता है। मान्यता है कि यदि रोहिणी नक्षत्र में बारिश हो जाती है तो आने वाले बारिश के मौसम में वर्षा बहुत कम होती है।
तेज गर्मी यानी अच्छी बारिश
ऐसा माना जाता है कि सूर्य की गर्मी और रोहिणी के जल तत्व के कारण मॉनसून गर्भ में आ जाता है और नौतपा ही मानसून का गर्भकाल माना जाता है। इस महीने में सूर्य के वृष राशि के 10 अंश से 23 अंश 40 कला तक नौतपा कहलाता है। इस दौरान तेज गर्मी रहने पर बारिश के अच्छे योग बनता है।
ये होगा रोहिणी का स्वरूप
ज्योतिषाचार्य अमित जैन के अनुसार इस वर्ष सम्वत्सर के राजा शनि देव है और रोहिणी का निवास तट पर रहेगा जिससे वर्षा समयानूकूल होने के योग बनते है फलस्वरूप धान्य जो,गेहूं, चना,बाजरा,मूग आदि की पैदावार आशानुकूल होगी।। रोहिणी का वास धोबी के घर होने से नदी ,तालाब में जल परिपूर्ण होना समभव है।रोहिणी का वाहन भैसा बना है जो व्यापारीयो को राहत मिलेगी।
तेज गर्मी बढ़ने के संकेत
25, 26 और 27 मई को तपिश बढ़ेगी। इस दौरान बूंदाबांदी भी होगी। फिर तीन दिन यानी 28, 29 और 30 मई को उमस बढ़ने के साथ हल्की बारिश होने के आसार बढ़ेंगे। 31 मई और 1 व 2 जून को तेज हवा चलने और आंधी-तूफान के साथ बारिश के योग बन रहे हैं। मंगल-राहु का अंगारक योग और शनि-केतु की युति का सम सप्तक दृष्टि संबंध वातावरण में गर्मी पैदा करेगा।
सूर्य के रोहिणी नक्षत्र के संचरण में चंद्रमा का गोचर क्रमश: कुंभ, मीन, मेष, वृषभ, मिथुन व कर्क राशियों से संचरण होगा।





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