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मौसम की तल्खी से चिंतित विभाग, अगर नहीं बिगड़ा मिजाज तो शैड्यूल 48 घंटे पर होगा

जालोर. मौसम के बिगड़े मिजाज जलदाय विभाग की सप्लाई प्रभावित हो रही है। अगर अगले कुछ दिन मौसम में बदलाव जारी रहता है और आंधी चलती है तो पेयजल सप्लाई का शैड्यूल और ज्यादा प्रभावित हो सकता है। विभागीय जानकारी के अुनसार लगातार पॉवर कट से पानी की बेहतर पंपिंग नहीं हो पा रही है। ऐसे में पानी का स्टॉक भी नहीं हो रहा, जिससे अभी तक शहर में 72 से 96 घंटे के अंतराल से पानी मिल रहा है। वहीं सायला, बागोड़ा, आहोर में हालात और भी विकट है। यह हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इसका प्रमुख कारण यह है कि 11 मई से पंपिंग शुरू होने के साथ ही लगातार मौसम में उतार चढ़ाव के चलते पंपिंग नहीं हो पाई। इधर, पूरी सप्लाई ट्यूबवैल पर निर्भर रही। हालांकि अब नर्मदा परियोजना से पानी मिलने लग गई है। पिछले तीन दिन की बात करें तो प्रतिदिन 10 घंटे सप्लाई होनी थी, लेकिन बीच में एक दिन सप्लाई पुन: पूरी तरह से बंद रही, जिससे अब तक सप्लाई निर्धारित शैड्यूल पर नहीं आ पाई है।
तीन दिन निरंतर सप्लाई जरुरी
जलदाय विभाग का कहना है कि नर्मदा परियोजना से पानी की सप्लाई मिल रही है, लेकिन अभी तक पूरी तरह से नियमित नहीं हो पाई है। अभी 10 घंटे पंपिंग हो रही है। विभागीय जानकारी के अनुसार यही शैड्यूल जारी रहा तो अगले तीन दिन में पानी का शैड्यूल बेहतर स्थिति में आ जाएगा। जिसके बाद पुन: 48 घंटे में एक बार पानी की सप्लाई हो पाएगी। वहीं यदि फिर से आंधी के हालात बनते हैं और फॉल्ट से पॉवर कट के हालात बनते हैं तो अगले कई दिनों तक पानी की सप्लाई फिर से प्रभावित रहेगी और शैड्यूल 48 घंटे तक पहुंचने में समय लगेगा। इधर, मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट ने एक बार जलदाय विभाग की चिंताएं बढ़ा दी है।
दो गुना पानी उपलब्ध हो जाएगा
30 अपे्रल से 10 मई तक क्लोजर से जलदाय विभाग को सप्लाई के लिए करीब 40 से 50 लाख लीटर तक पानी कम उपलब्ध हो रहा था। वहीं सप्लाई के लिए पानी केवल 36 ट्यूबवैल से ही पानी उपलब्ध हो रहा था। करीब 30 लाख लीटर पानी से 72 से 96 घंटे पर 80 लीटर प्रतिदिन प्रतिव्यक्ति पानी की आपूर्ति हो रही थी। इधर, अब 40 से 50 लाख लीटर पानी उपलब्ध होने से पानी की उपलब्धता दो गुनी से अधिक हो जाएगी, जिससे पानी की आपूर्ति में सहूलियत होगी।



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