पाली/धनला। जिले के जोजावर से बासनी, कोटड़ी, धनला, मामावास, मुकनपुरा, जाणुंदा, देवली, जैतपुरा होते हुए उपखण्ड मुख्यालय व जिला मुख्यालय को जोडऩे वाले मुख्य मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन नहीं होने से निजी बस संचालकों का इस मार्ग पर एकाधिकार है। निजी बस संचालकों की मनमानी के चलते खटारा बसों में ग्रामीणों को मनमर्जी के किराए पर सफर करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में तपती सडक़ों पर कमजोर टायरों वाली खटारा बसों का ओवरक्राउड दौडऩे से कई बार हादसे भी हो जाते हैं। लोगों को भी तपती गर्मी में टूटे शीशों की खिड़कियों वाली बसों में झुलसते हुए सफर करना पड़ रहा है।
यात्रियों की सुविधाओं से नही सरोकार
क्षेत्र के खिंवाड़ा व जोजावर रूट से पाली व जोधपुर की ओर चलने वाली बसों में विशेषकर महिलाओं व छोटे बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ती है। सवारियां ठूंसकर भरी जाती है तथा कम दूरी की सवारियों को बैठने से ही मना कर दिया जाता है। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते आजादी के सात दशक से अधिक समय बाद भी रोडवेज क्षेत्रवासियों के लिए सपना ही है।
बहुत परेशानी हो रही है साहब
जरूरी काम होने से मारवाड़ के लिए निकला घंटों इंतजार के बाद खिंवाड़ा से सोजत चलने वाली बस आई लेकिन सवारियां ठसाठस थी। साहब दमे का मरीज हूं तीस किलोमीटर के सफर में हर स्टेण्ड पर नीचे उतरना पड़ा और चढऩा पड़ा। - बाबूलाल प्रजापत, मुसाफिर
मनमानी के चलते महिलाओं को होती पेरशानी
-जाणुन्दा पंचायत मुख्यालय रोडवेज तो सपना बना हुआ है लेकिन निजी बस संचालक भी मुख्यालय तक नहीं आते। रात में मुकनपुरा चौराहा तक ही सवारियां उतारकर बाइपास निकल जाते हैं। ऐसे में महिलाओं को ज्यादा परेशानी होती है -विमलादेवी चौधरी, सरपंच जाणुन्दा





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