बाल अधिकारिता विभाग ने अलवर में एक स्वयं सेवी संस्था ठाकुर दास शिक्षा समिति की ओर से संचालित बाल गृह व बाल आश्रय गृह की मान्यता निरस्त कर दी है। इस बाल आश्रय गृह की संचालिका की ओर से एक बच्चे के साथ निर्ममता से पिटाई का वीडियो जारी होने के बाद यह कदम उठाया गया है।
इस मामले में संचालिका को गिरफ्तार किया गया था।इस शिक्षा समिति का पंजीयन 23 अक्टूबर 2015 को किया गया था। इस आश्रय गृह का निरीक्षण 17 मई 2016 को विभागीय टीम की ओर से किया गया। बाद में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम ने यहां का 24 मई 2018 और 29 अक्टूबर 2018 को एक बार निरीक्षण किया तो इसमें कई अनियमितताएं मिली थी।
बाल अधिकारिता विभाग के निदेशक निष्काम दिवाकर ने किशोर न्याय आदर्श नियम 2016 के नियम 21 ( 7) के अंतर्गत इस संस्था की ओर से संचालित बाल गृह व आश्रय गृह का पंजीयन निरस्त कर दिया है।
पहले भी कई बार हुई शिकायतें-
इस संस्था के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें सरकार को मिल रही थी , जिनकी जांच ठंडे बस्ते में डाल दी गई। पिछले दिनों यहां रह रहे इस आश्रय गृह की संचालिका रामभूतेरी सैनी की ओर से बालक की निर्ममता से पिटाई का वीडियो वायरल हुआ था।
इस वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने संचालिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। इस संचालिका को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था। इस संचालिक को पुलिस ने 21 अप्रेल को गिरफ्तार किया था।
यह वीडियो 20 अप्रेल को वायरल हुआ था।बच्चों को स्थानांतरित करने के निर्देश-इस आदेश में बाल कल्याण समिति को यहां रह रहे बालकों को अन्य किसी पंजीकृत बाल आश्रय गृह में स्थांतरित करने के निर्देश दिए हैं।
बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक नवल खान ने बताया कि इस समिति की ओर से संचालित बाल गृह व बाल आश्रय गृह की मान्यता निरस्त होने की सूचना बाल कल्याण समिति को दी गई है जो इन बालकों को अन्य बाल आश्रय गृह में स्थानांतरित करेगी। इस आश्रय गृह में फिलहाल 15 बालक रह रहे हैं।





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