करौली खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री और सपोटरा विधायक रमेश मीणा तथा उनके भाई जिला प्रमुख अभयकुमार मीणा ने नयागांव स्थित मतदान केंद्र पर मतदान किया। हिण्डौन में विधायक भरोसी लाल मतदान करने पहुंचे तो वहां कतार लगी हुई थी। ऐसे में उनको कतार में इंतजार करना पड़ा।
मतदाता बनेंगे आज भाग्य विधाता
करौली-धौलपुर संसदीय क्षेत्र
करौली. करौली-धौलपुर संसदीय क्षेत्र के लिए सोमवार को मतदान होगा। संसदीय क्षेत्र के १८ लाख १० हजार ५७४ मतदाता लोकतंत्र के पर्व में मतों की आहुति देंगे। इनमें ८०७२०७ मतदाता धौलपुर में हैं, जबकि १००३३६७ करौली जिले में शामिल हैं। मतदान के लिए संसदीय क्षेत्र में कुल १९८७ मतदान केन्द्र बनाए गए हैं, जिनमें १०५५ केन्द्र करौली तथा ९३२ केन्द्र धौलपुर में बनाए हैं। गौरतलब है कि वर्ष २००८ में करौली-धौलपुर संसदीय क्षेत्र के अस्तित्व में आने के बाद इस सीट पर यह तीसरा चुनाव हो रहा है।
कांग्रेस-भाजपा में सीधी टक्कर
यूं तो संसदीय क्षेत्र से कुल पांच प्रत्याशी चुनाव मैदान में है। लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा के मनोज राजौरिया तथा कांग्रेस के संजय जाटव के बीच माना जा रहा है। अन्य प्रत्याशियों में बहुजन समाज पार्टी से रामकुमार बैरवा, आंबेडकराईट पार्टी ऑफ इंडिया से जीतराम बैरवा तथा प्रबुद्ध रिपब्लिकन पार्टी से विजय बाबू चुनावी समर में अपना भाग्य आजमा रहे हैं।
वसुंधरा की प्रतिष्ठा लगी है दांव पर
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित करौली-धौलपुर संसदीय सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की प्रतिष्ठा जुड़ी हुई है। क्योंकि धौलपुर उनका गृह क्षेत्र है जो इस संसदीय क्षेत्र में शामिल है। यही कारण है कि वसुंधरा ने यहां प्रचार तथा सम्र्पक करने में काफी समय दिया है। यहां पर मुख्य मुकाबला कांग्रेस के संजय जाटव तथा भाजपा के मनोज राजौरिया के बीच माना जा रहा है। वैसे यहां से कुल पांच प्रत्याशी हैं।
इन दोनों जिलों में कांग्रेस-भाजपा ने प्रचार अभियान में कोई कसर नहीं रखी। भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में करौली जिले के हिण्डौन शहर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सभा करने को आए जबकि कांग्रेस की ओर से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने धौलपुर जिले के सैंपऊ में चुनावी सभा की। इन नेताओं के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी, राष्ट्रीय नेता प्रकाश जावडेकर, पूर्व मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने भी चुनावी सभाएं की और कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर चुनाव प्रचार को गति दी। इधर कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उपमुख्यमंत्री तथा प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट, चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने चुनावी सभाओं के लिए दोनों जिलों में दौरे किए। करौली जिले में चुनाव प्रचार की कमान को पूरी तरह से काबीना मंत्री रमेश मीणा संभाले रहे। पिछले चुनाव में यहां से भाजपा के मनोज राजौरिया २७ हजार मतों से विजयी हुए थे। इस बार भाजपा की ओर से वे फिर प्रत्याशी है। कांग्रेस ने नए चेहरे संजय जाटव को प्रत्याशी बनाया है। मुख्य टक्कर इन दोनों के बीच ही है। वैसे इस संसदीय क्षेत्र से भाजपा की स्थिति पिछले विधानसभा चुनाव में कमजोर रही थी। दोनों जिलों में कुल ८ विधानसभा क्षेत्र हैं। चार माह पहले हुए विधान सभा चुनाव में दोनों जिलों में भाजपा की स्थिति कमजोर रही। करौली में तो भाजपा का खाता ही नहीं खुल सका। जबकि धौलपुर में भाजपा केवल धौलपुर सीट पर जीत सकी थी।





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