पाली/जोधपुर/बाड़मेर। मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया (MCI) की आंखों में किस तरह धूल झोंकी जाती है, इसका ताजा उदाहरण जोधपुर संभाग में सामने आया है। जोधपुर के डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के 15 चिकित्सकों का तबादला दो-ढाई माह पूर्व बाड़मेर व पाली किया जाता है और एमसीआइ के निरीक्षण के बाद इनमें से अधिकतर को वापस जोधपुर बुला लिया जाता है। दरअसल, चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से किए गए इन तबादलों के पीछे का सच यह है कि एमसीआइ टीम को यह बताया जा सके कि दोनों नए मेडिकल कॉलेज में सीट अनुरूप पर्याप्त चिकित्सक शिक्षक मौजूद हैं। जबकि जमीनी हकीकत इससे परे है। टीम के निरीक्षण के बाद 15 डॉक्टरों का वापस जोधपुर के Dr. S.N. medical college में तबादला कर दिया गया। एमसीआइ को पूरे निरीक्षण में बाड़मेर-पाली मेडिकल कॉलेज भरा-पूरा बताया गया। ताकि एमसीआइ यहां मेडिकल कॉलेज की सीटें कम नहीं करें।
चिंता में आए, लेकिन आश्वस्त थे
जोधपुर के ज्यादातर चिकित्सक शिक्षक एकाएक हुए स्थानांतरण को लेकर खासे चिंता में आ गए थे, लेकिन एमसीआइ के निरीक्षण के बाद पुन: जोधपुर लगाने के अंदरखाने आश्वासन के बाद वे भी शांत हो गए। जबकि जोधपुर में करीब हर रोज 20 से 30 फीसदी तक मरीज आउटडोर व रैफरल के तौर पर बाड़मेर-पाली से जोधपुर आते हैं। क्योंकि दोनों ही जगह मेडिकल कॉलेज होने के बावजूद सुविधाओं का विस्तार नहीं हुआ है। इन मरीजों को doctor यहां देख लेते हैं, लेकिन बाड़मेर-पाली मेडिकल कॉलेज में काम करना पसंद नहीं करते। इसका बड़ा कारण अभी तक वहां पूरा सिस्टम डवलप नहीं होना भी है। बता दें कि एमसीआइ की टीम अपने दौरे में चिकित्सकों की संख्या, आवश्यक संसाधन, सुविधाएं सहित कई बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट तैयार करती है।
मार्च में बुलाए, अप्रेल में निरीक्षण, मई में वापस तबादला
पाली मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में प्रथम वर्ष का बैच चल रहा है। द्वितीय वर्ष का बैच शुरू करने से पहले एमसीआइ टीम का निरीक्षण होना था, इस दौरान जोधपुर मेडिकल कॉलेज से आठ चिकित्सक शिक्षकों को मार्च माह में ही पाली बुला लिया गया। ताकि निरीक्षण के दौरान चिकित्सक शिक्षकों की कमी नहीं दिखे। 27 अप्रेल को एमसीआइ की टीम ने पाली मेडिकल कॉलेज व बांगड़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल का निरीक्षण किया। 14 मई उन सभी आठ चिकित्सक शिक्षकों का Transfer पाली से वापस जोधपुर मेडिकल कॉलेज कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज की इस तबादला नीति को लेकर कोई भी अधिकारी जवाब देने की स्थिति में नहीं है।
बाड़मेर में बैच शुरू न होने से पहले धोखा
बाड़मेर में मेडिकल कॉलेज में सौ सीटों पर एमबीबीएस के लिए बैच अब शुरू होगा, उससे पहले ही विभाग ने एमसीआइ के साथ धोखा कर दिया। यहां Medical Council of India के निरीक्षण के लिए मार्च माह में 9 चिकित्सकों को जोधपुर से भेजा गया था। जिनमें से 7 चिकित्सकों का तबादला पुन: जोधपुर कर दिया गया। 2 चिकित्सक अभी तक बाड़मेर में हैं।
किसी के पास कोई जवाब नहीं
तबादले वापस क्यों किए, मैं कुछ नहीं कह सकता
हां, आठ चिकित्सक शिक्षकों को मार्च माह में जोधपुर से पाली लगाया गया था, एमसीआइ निरीक्षण के बाद सभी आठों चिकित्सक शिक्षकों का तबादला वापस जोधपुर मेडिकल कॉलेज कर दिया गया। वापस तबादला क्यों किया, इस बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता। - डॉ. केसी अग्रवाल, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, पाली
सभी वापस नहीं आए, कुछ वहीं हैं
हमने जरूरत अनुसार वहां डॉक्टर लगाए थे। सारे नहीं आए हैं, अभी भी कुछ डॉक्टर वहां है। वहां अब धीरे-धीरे फैकल्टी बढ़ रही है। - डॉ. एसएस राठौड़, प्राचार्य, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज, जोधपुर
तबादले राज्य सरकार स्तर पर हुए
तबादले राज्य सरकार के स्तर पर हुए हैं। हम भी यहां रिक्तियां भर रहे हैं। सारा कार्य जयपुर से हुआ है। - एनडी सोनी, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, बाड़मेर





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